बांकीपुर से वीणा मानवी का नामांकन क्यों हुआ रद्द? जानिए Inside Story

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जनतांत्रिक जनता दल की उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन पत्र चुनाव अधिकारियों द्वारा खारिज कर दिया गया क्योंकि उनके नामांकन में आवश्यक 10 वैध प्रस्तावकों के हस्ताक्षर नहीं थे, केवल नौ ही वैध पाए गए.

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वीणा मानवी का नामांकन रद्द हो गया है (Photo- ITG) वीणा मानवी का नामांकन रद्द हो गया है (Photo- ITG)

रोहित कुमार सिंह

  • पटना,
  • 14 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:48 PM IST

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में तेज प्रताप यादव की पार्टी जनतांत्रिक जनता दल (JJD) की उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन पत्र जांच (स्क्रूटनी) के दौरान खारिज कर दिया गया. चुनाव अधिकारियों के अनुसार, वीणा मानवी के नामांकन पत्र में केवल नौ वैध प्रस्तावकों (प्रपोजर्स) के हस्ताक्षर पाए गए, जबकि चुनाव कानून के तहत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल या निर्दलीय उम्मीदवार के लिए कम से कम 10 वैध प्रस्तावकों का होना अनिवार्य है. इसी आधार पर रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) ने उनका नामांकन निरस्त कर दिया.

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नामांकन खारिज होने के बाद इस मामले ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े एक महत्वपूर्ण नियम को चर्चा में ला दिया है. चुनावी कानून के अनुसार, किसी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय राजनीतिक दल के उम्मीदवार के लिए नामांकन पत्र पर केवल एक प्रस्तावक के हस्ताक्षर पर्याप्त होते हैं.

लेकिन यदि कोई उम्मीदवार निर्दलीय चुनाव लड़ रहा हो या किसी गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल की ओर से मैदान में हो, तो उसके नामांकन पत्र पर संबंधित विधानसभा क्षेत्र के कम से कम 10 पंजीकृत मतदाताओं के हस्ताक्षर होना जरूरी है.

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में वीणा मानवी जनतांत्रिक जनता दल के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरी थीं. चूंकि यह दल चुनाव आयोग से मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय राजनीतिक दल नहीं है, इसलिए उनके लिए 10 वैध प्रस्तावकों की शर्त लागू थी. स्क्रूटनी के दौरान अधिकारियों ने पाया कि नामांकन पत्र में शामिल प्रस्तावकों में से केवल नौ ही वैध पाए गए.

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एक प्रस्तावक का हस्ताक्षर या पात्रता निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं मिली, जिसके चलते जरूरी संख्या पूरी नहीं हो सकी. इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने चुनाव नियमों का पालन करते हुए उनका नामांकन खारिज कर दिया.

क्या होता है प्रस्तावक?

प्रस्तावक वह मतदाता होता है जो किसी उम्मीदवार के नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर करके उसके चुनाव लड़ने का समर्थन करता है. प्रस्तावक का हस्ताक्षर इस बात का प्रमाण माना जाता है कि उम्मीदवार को संबंधित विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं का न्यूनतम समर्थन प्राप्त है.

क्यों बनाई गई यह व्यवस्था?

चुनाव आयोग ने यह व्यवस्था इसलिए बनाई है ताकि कोई भी व्यक्ति बिना किसी जनसमर्थन के केवल औपचारिक रूप से चुनाव मैदान में न उतर सके. खासकर निर्दलीय और गैर-मान्यता प्राप्त दलों के उम्मीदवारों के लिए 10 प्रस्तावकों की अनिवार्यता यह तय करती है कि उम्मीदवार को क्षेत्र में कम से कम कुछ मतदाताओं का वास्तविक समर्थन हासिल हो.

चुनाव अधिकारियों का कहना है कि नामांकन पत्रों की जांच पूरी तरह चुनाव नियमों और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार की जाती है. यदि कोई उम्मीदवार निर्धारित कानूनी शर्तों को पूरा नहीं करता है, तो रिटर्निंग ऑफिसर के पास उसका नामांकन खारिज करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता. वीणा मानवी के नामांकन रद्द होने के बाद बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का मुकाबला अब अन्य वैध उम्मीदवारों के बीच होगा. 

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