तमिलनाडु के पूर्व बीजेपी नेता के. अन्नामलाई ने संकेत दिया है कि वे अगले महीने यानी जुलाई में अपनी नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च करने जा रहे हैं. उन्होंने साफ किया कि हाल ही में शुरू की गई उनकी 'वी द लीडर्स' मुहिम बिल्कुल सही दिशा में आगे बढ़ रही है, जो अगले महीने तक पूरी तरह एक राजनीतिक दल का रूप ले लेगी. इसके साथ ही अन्नामलाई ने ऐलान किया कि पार्टी बनने के बाद वे नेताओं के लिए कार्यकाल की समय सीमा भी तय करेंगे, ताकि पुराने लोगों की जगह नए चेहरों को लगातार मौका मिले. उनका लक्ष्य संगठन में 50 लाख सदस्य जोड़ने का है, जिसमें से अब तक 18 लाख लोग जुड़ चुके हैं.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बातचीत के दौरान अन्नामलाई ने कहा कि संगठन से जुड़ने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. उनके मुताबिक, अभी तक करीब 18 लाख लोग बिना किसी अपेक्षा के इस मुहिम का हिस्सा बने हैं. सदस्यता अभियान केवल ऑनलाइन नहीं चल रहा, बल्कि कार्यकर्ता लोगों के बीच सीधे जाकर भी नए सदस्यों को जोड़ रहे हैं. अन्नामलाई ने कहा कि इस अभियान से जुड़े लोग बदलाव की उम्मीद के साथ आए हैं. उनका मानना है कि यह पहल तमिलनाडु की राजनीति को एक नई दिशा दे सकती है.
जुलाई से बदलेगा संगठन का स्वरूप
अन्नामलाई के अनुसार, जुलाई से जब यह आंदोलन राजनीतिक संगठन के रूप में काम शुरू करेगा, तब इसकी गतिविधियां बिल्कुल अलग रूप में दिखाई देंगी. उन्होंने दावा किया कि उनका संगठन लोगों को गुमराह नहीं करेगा, बल्कि पूरी ईमानदारी के साथ काम करेगा. इसके अलावा, अन्नामलाई ने यह भी साफ किया कि उनके लिए सभी धर्म बिल्कुल समान हैं. उनका संगठन किसी भी तरह के भेदभाव की राजनीति से पूरी तरह दूर रहेगा.
इसके साथ ही अन्नामलाई ने बताया कि आने वाले महीनों में सदस्यता अभियान को काफी तेज किया जाएगा. उनका लक्ष्य इस पहल को एक बड़े जनआंदोलन में बदलना है, ताकि तमिलनाडु से जुड़े विभिन्न मुद्दों को मजबूती से उठाया जा सके. उन्होंने खास तौर पर युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या का जिक्र किया. उनका कहना है कि इस गंभीर मुद्दे को गांव-गांव, शहर-शहर तक ले जाकर एक बड़ा जनजागरण अभियान चलाया जाएगा.
नेताओं के लिए कार्यकाल सीमा पर भी विचार
रिपोर्ट के मुताबिक, अन्नामलाई ने कहा कि राजनीति में नए लोगों को अवसर मिलना बेहद जरूरी है. पार्टी बनने के बाद नेताओं के लिए कार्यकाल की समय सीमा लागू करने पर भी विचार किया जाएगा. उनका मानना है कि समय-समय पर पुराने लोगों की जगह नए चेहरों को आगे आने का मौका मिलना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि विदेशों में सफल तमिल पेशेवर, तकनीकी विशेषज्ञ राजनीति में आना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सही मंच नहीं मिल पाता. उनका संगठन ऐसे काबिल लोगों को भी बड़ा अवसर देने की कोशिश करेगा.
aajtak.in