पवन खेड़ा की गिरफ्तारी के बाद विपक्ष ने एक सुर में भाजपा पर साधा निशाना, राउत ने बताया इमरजेंसी का दौर

पवन खेड़ा की गिरफ्तारी के बाद से ही कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है. TMC नेता शत्रुघ्न सिन्हा, सपा नेता अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने इस गिरफ्तारी को लेकर भाजपा पर हमला बोला. उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने तो इसे इमरजेंसी का दौर तक बताया.

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पवन खेड़ा की गिरफ्तारी के बाद विपक्ष ने एक सुर में भाजपा पर साधा निशाना पवन खेड़ा की गिरफ्तारी के बाद विपक्ष ने एक सुर में भाजपा पर साधा निशाना

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 5:55 PM IST

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की गिरफ्तारी के बाद से ही कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल भाजपा पर हमलावर हैं. कांग्रेस ने इस गिरफ्तारी को तानाशाही बताया. इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस के नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने पवन खेड़ा की गिरफ्तारी को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है. उन्होंन कहा कि अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियां ​​के दुरुपयोग के बाद अब राज्य पुलिस का भी दुरुपयोग किया जा रहा है. साथ ही शत्रुघ्न सिन्हा ने ममता बनर्जी को पीएम मटेरियल बताया. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ही हैं जो नरेंद्र मोदी को टक्कर दे सकती हैं. उन्होंने विपक्षी एकता का आह्वान किया.

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इस मामले में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि भाजपा के राज में पवन खेड़ा के साथ जो हुआ वो कोई नई बात नहीं है. जब मैं प्रयागराज जाना चाहता था, तो उन्होंने (भाजपा) अधिकारियों को हवाईअड्डे भेजा और मुझे विमान में चढ़ने से रोक दिया गया. भाजपा सरकार लोकतंत्र में विश्वास नहीं करती है. वे ऐसे ही काम करते हैं.

संजय राउत ने भी दिया बयान

वहीं इस गिरफ्तारी को लेकर उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने भी बयान दिया. उन्होंने इसे आपातकाल का दौर बताया. संजय राउत ने कहा कि, इसे ही इमरजेंसी कहते हैं. वे बड़ी खबर बनाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने पवन खेड़ा को गिरफ्तार कर लिया. साथ ही, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस अधिवेशन से 24 घंटे पहले, सीएम के करीबी सहयोगियों और कांग्रेस नेताओं पर ईडी और सीबीआई ने छापा मारा था. वे विपक्षी दलों का गला घोंट रहे हैं. यह इमरजेंसी ही है.

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सुरजेवाला ने असम के सीएम पर साधा निशाना

कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने इस मामले को लेकर असम के मुख्यमंत्री पर हमला बोला. उन्होंने कहा, हिमंत बिस्वा सरमा यह साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि वह एक वफादार हैं. पवन खेड़ा के खिलाफ फर्जी एफआईआर दर्ज की है. उन्होंने क्या अपराध किया है? हम सच्चाई के लिए लड़ेंगे और वे हमें चुप नहीं करा सकते. हम इसे कानूनी रूप से लड़ेंगे. हालांकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी सुरजेवाला ने मीडिया से बात की. 

'कानून की हुई जीत'

उन्होंने कहा, आज जो हुआ शायद पहले कभी नहीं हुआ होगा. प्लेन को रोककर पवन खेड़ा को उतारा गया, ये मोदी सरकार की गुंडागर्दी का सबूत है. कोई शब्द कहना धार्मिक भावना भड़काने का षडयंत्र कैसे हो सकता है? कांग्रेस इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी गई और मेजिस्ट्रेट के कोर्ट में भी गई और अंत में कानून की जीत हुई.

क्या है मामला?

जानकारी के लिए बता दें कि कांग्रेस के अधिवेशन से पहले पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा को दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया गया. दरअसल पवन खेड़ा इंडिगो की फ्लाइट 6E-204 से कांग्रेस के अधिवेशन में शामिल होने रायपुर जा रहे थे. तभी दोपहर 12 बजे करीब पुलिस ने उन्हें फ्लाइट से उतरने को कहा गया. हालांकि कांग्रेस ने इस गिरफ्तारी के खिलाफ SC का दरवाजा खटखटाया. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के बाद पवन खेड़ा को अंतरिम जमानत दे दी. 

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क्यों हुई गिरफ्तारी?

पवन खेड़ा ने हाल ही में अडानी के मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इस दौरान उन्होंने कहा था, अगर अटल बिहारी वाजपेयी जेपीसी बना सकते हैं तो नरेंद्र 'गौतम दास' मोदी को क्या दिक्कत है? हालांकि बयान देने के बाद खेड़ा ने अपने आसपास मौजूद लोगों से पूछा कि क्या उन्होंने प्रधानमंत्री का मिडिल नेम सही पुकारा है? खेड़ा ने इस पर कहा कि 'नरेंद्र गौतम दास मोदी को क्या समस्या है?' कांग्रेस नेता ने बाद में पूछा, 'क्या यह गौतम दास या दामोदर दास है?' इस दौरान पवन हंसते हैं और यह कहते हुए तंज करते हैं कि भले ही नाम दामोदर दास है, लेकिन उनके काम गौतम दास के समान हैं. बाद में एक ट्वीट में खेड़ा ने स्पष्ट किया कि वह वास्तव में प्रधानमंत्री के नाम को लेकर भ्रमित थे. 

पवन खेड़ा के इस बयान पर काफी बवाल मचा और बीजेपी ने इस बयान को लेकर कांग्रेस पर खूब निशाना साधा. इस बयान को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी कहा था कि देश कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगा. इस मामले में यूपी के लखनऊ और वाराणसी, जबकि असम के दीमा हसाओ में खेड़ा के खिलाफ मामला दर्ज किए गए. इसी मामले में असम पुलिस ने दिल्ली पुलिस से खेड़ा को गिरफ्तार करने का अनुरोध किया था. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने एक्शन लिया और कांग्रेस प्रवक्ता को गिरफ्तार किया था. 

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