वियतनाम में हाल ही में हुए एक दर्दनाक नाव पलटने के हादसे में सुरक्षित बचे तमिलनाडु के पलानी निवासी निर्मल कुमार सकुशल चेन्नई एयरपोर्ट पर पहुंच गए हैं. उन्होंने वियतनाम में एक द्वीप से दूसरे द्वीप जाते वक्त हुए इस खौफनाक हादसे की पूरी कहानी बयां की है. उन्होंने बताया कि जब वो एक द्वीप से दूसरे द्वीप की यात्रा कर रहे थे, तभी अचानक उनकी नाव समुद्र में पलट गई थी.
निर्मल कुमार ने चेन्नई एयरपोर्ट पर संवाददाताओं को हादसे की भयावहता बताते हुए कहा कि जब हम एक द्वीप से दूसरे द्वीप जा रहे थे तो नाव पलट गई. जो 20 लोग किनारे पर बैठे थे, उन्होंने समुद्र में कूदकर बचने की कोशिश की. नाव के अंदर फंसे 15 लोग बाहर नहीं निकल पाए, क्योंकि नाव बंद थी, इसलिए वो तुरंत बाहर नहीं आ सके. जिससे स्थिति बेहद गंभीर हो गई.
मदद पहुंचने में लगे 10 मिनट
हादसे का विवरण देते हुए उन्होंने ये भी बताया कि रेस्क्यू टीम को घटनास्थल पर पहुंचने में 10 मिनट लग गए, इसलिए जिन लोगों ने जान बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी थी, केवल वही इस पूरे हादसे में जीवित बच पाए हैं. निर्मल कुमार ने बताया कि भारत सरकार और वियतनाम सरकार ने शवों को बरामद करने में उनका पूरा सहयोग किया है.
उन्होंने दोनों देशों की सरकारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन ने उन्हें हर संभव चिकित्सा सहायता और अन्य जरूरी मदद प्रदान की है. सरकार की ओर से हर जरूरी कदम उठाए गए हैं और वर्तमान में दुर्घटना के शिकार हुए लोगों के शवों को वापस लाने की प्रक्रिया चल रही है.
नाव में सवार थे 36 लोग
आपको बता दें कि शनिवार 11 जुलाई को वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास भारतीय पर्यटकों को लेकर जा रही एक नाव समुद्र में पलट गई. इस दर्दनाक हादसे में 15 भारतीयों की मौत हो गई, जबकि 21 लोगों को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बचा लिया. स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि नाव में कुल 36 लोग सवार थे. इनमें 32 भारतीय पर्यटक, 3 क्रू मेंबर और 1 अटेंडेंट शामिल थे. हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की जान चली गई, जबकि बाकी 21 लोगों को बचा लिया गया.
aajtak.in