तृणमूल कांग्रेस के बिखरने के बीच, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कांग्रेस के साथ गठबंधन बनाकर अपनी राजनीतिक विरासत को बचाने की पुरजोर कोशिश कर रही हैं. इसके लिए वह 8 जून को नई दिल्ली में हुई इंडिया ब्लॉक की बैठक में शामिल हुईं. अभिषेक बनर्जी भी उनके साथ थे. विपक्ष दलों की बैठक में ममता बनर्जी सोनिया गांधी को गले लगाती नजर आईं. उन्होंने राहुल गांधी से भी बात की.
जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में वह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बगल में बैठी थीं. ममता बनर्जी इसके अगले दिन सोनिया गांधी से मिलने 10 जनपथ स्थित उनके आवास पहुंचीं. सोनिया गांधी के साथ उनकी मुलाकात करीब 1 घंटे तक चली. तृणमूल कांग्रेस में पड़ी फूट के बाद ममता की कांग्रेस से बढ़ती नजदीकियों को लेकर अटकलों का दौर भी शुरू हो गया है. सियासी हलके में चर्चाएं चल रही हैं कि ममता बनर्जी अपने राजनीतिक अस्तित्व को बचाने के लिए कांग्रेस में लौटने का विचार कर सकती हैं.
इन अटकलों के बीच कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद उदित राज ने ममता बनर्जी को कांग्रेस में शामिल होने का सुझाव भी दे दिया है. उन्होंने कहा, 'टीएमसी पहले ही टूट चुकी है, इसके अधिकांश विधायक और सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं. अब और क्या बचा है? इसके लिए खुद ममता दीदी जिम्मेदार हैं.' उदित राज ने दावा किया कि अगर ममता बनर्जी ने नीतीश कुमार को 'इंडिया ब्लॉक' का संयोजक बनने दिया होता, तो 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा 125 से 150 सीटों के बीच सिमट जाती.
उदित राज ने कहा, 'भाजपा के अबकी बार 400 पार के नारे ने मनोवैज्ञानिक बढ़त बनाई, जिससे उसको अतिरिक्त 25-30 सीटों का फायदा मिला, खासकर बिहार में नीतीश कुमार के गठबंधन के समर्थन से.' कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि भाजपा अकेले चुनाव लड़ती, तो उसे इतनी सीटें नहीं मिलतीं. उदित राज ने तृणमूल कांग्रेस में टूट को लेकर ममता बनर्जी पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'जैसी करनी वैसी भरनी.'
उन्होंने ममता बनर्जी को कांग्रेस में आने की सलाह दी. उदित राज ने कहा कि यदि ममता 'इंडिया ब्लॉक' की साझेदार बनी रहती हैं, तो उन्हें अतीत की गलतियों को दोहराने से बचना चाहिए और पूरे समर्पण व गंभीरता के साथ गठबंधन को मजबूत करने के लिए काम करना चाहिए.उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को राहुल गांधी का नेतृत्व स्वीकार करना चाहिए और अरविंद केजरीवाल जैसे नेताओं के प्रभाव में नहीं आना चाहिए. उदित राज ने अरविंद केजरीवाल को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें बेहद चतुर नेता बताया और आरोप लगाया कि AAP सुप्रीमो की पृष्ठभूमि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ी रही है.
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