तेलंगाना टनल में 'मिशन जिंदगी'... खोजी कुत्तों के बाद अब रोबोट की मदद, रेस्क्यू में आ रहीं ये दिक्कतें

सरकार ने बचावकर्मियों को किसी भी खतरे से बचाने के लिए रोबोट तैनात करने का फैसला किया है, क्योंकि सुरंग के अंदर पानी और कीचड़ जैसी स्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं.

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तेलंगाना टनल हादसा तेलंगाना टनल हादसा

aajtak.in

  • नगरकुरनूल,
  • 09 मार्च 2025,
  • अपडेटेड 7:45 AM IST

तेलंगाना (Telangana) की सरकार ने शनिवार को आंशिक रूप से ध्वस्त SLBC सुरंग के अंदर बचाव कार्यों के लिए 11 मार्च से रोबोट तैनात करने और लोगों की उपस्थिति की जांच के लिए शव खोजी कुत्तों को फिर से ले जाने का फैसला किया. 22 फरवरी को सुरंग का एक हिस्सा ढह जाने के बाद से आठ लोग अंदर फंसे हुए हैं. सरकार ने बचाव कर्मियों को किसी भी खतरे से बचाने के लिए रोबोट तैनात करने का फैसला किया है, क्योंकि सुरंग के अंदर पानी और कीचड़ जैसी स्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं.

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एजेंसी के मुताबिक, एक सीनियर अधिकारी ने बताया, "दुर्घटना वाली जगह पर 70 मीटर के लिए रोबोट के इस्तेमाल पर संबंधित एजेंसी के साथ चर्चा की गई और वर्तमान में किए जा रहे सभी प्रयासों के अलावा मंगलवार से रोबोट को तैनात किया जाएगा और उनका परीक्षण किया जाएगा."

उन्होंने कहा कि भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने एक प्रारंभिक रिपोर्ट पेश की है, जिसमें अन्य बातों के अलावा चेतावनी दी गई है कि अंतिम 70 मीटर में बचाव अभियान अत्यधिक सावधानी और देखभाल के साथ चलाया जाना चाहिए. 

आगे की क्या तैयारी?

अधिकारी ने कहा कि HRDDs (मानव अवशेष का पता लगाने वाले कुत्ते) द्वारा पहचाने गए दो बिंदुओं पर खुदाई पांच फीट से आगे की जाएगी क्योंकि श्रमिक अब नष्ट हो चुकी सुरंग बोरिंग मशीन (TBM) की दूसरी परत में फंसे हो सकते हैं.

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राज्य के सिंचाई मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी ने सुरंग स्थल का दौरा किया और तमाम संगठनों के अधिकारियों के साथ चल रहे बचाव अभियान की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को बचाव कार्य के लिए रोबोट तैनात करने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया, क्योंकि क्षतिग्रस्त टीबीएम के टुकड़े बचाव कर्मियों के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं.

मंत्री ने कहा कि सरकार रोबोट एक्सपर्ट्स की सेवाओं का उपयोग करके बचाव कार्य करने के लिए 4 करोड़ रुपये खर्च करेगी. एक आधिकारिक विज्ञप्ति में उनके हवाले से कहा गया कि टीबीएम के टुकड़े सुरंग के अंदर पानी, मिट्टी और पत्थरों के नीचे डूब गए थे, इसलिए वे बचाव दल के लिए खतरा बन गए.

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साइट का दौरा कर सकते हैं CM

2 मार्च को सुरंग का दौरा करने वाले मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व करने वाले अधिकारियों को सुझाव दिया कि अगर जरूरी हो तो बचाव कर्मियों के लिए किसी भी खतरे से बचने के लिए सुरंग के अंदर रोबोट का उपयोग करें.

बचाव अभियान की निगरानी कर रहे विशेष मुख्य सचिव (आपदा प्रबंधन) अरविंद कुमार और अन्य अधिकारियों ने मंत्री को इसकी प्रगति के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि वह 11 मार्च को फिर से सुरंग स्थल का दौरा करेंगे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी या तो साइट का दौरा करेंगे या हैदराबाद में बचाव अभियान की समीक्षा करेंगे.

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बचाव अभियान कीचड़ और पानी के रिसाव सहित चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच चल रहा है. शुक्रवार को मानव उपस्थिति का पता लगाने के लिए तैनात शव खोजी कुत्तों ने मानव उपस्थिति के लिए दो संभावित स्थानों की पहचान की और बचाव कर्मी उन स्थानों पर गाद हटा रहे हैं.

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