रिश्वत के आरोप में TVK पंचायत अध्यक्ष गिरफ्तार, पार्टी ने पहले ही निकाला

तमिलनाडु में रिश्वत लेने के आरोप में टीवीके (TVK) के पंचायत अध्यक्ष वीरासामी को गिरफ्तार कर लिया गया है. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद शिकायत दर्ज हुई और पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत कार्रवाई की. सरकार ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.

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टीवीके नेता का रिश्वत लेते वीडियो वायरल हुआ था. (Photo- ITG) टीवीके नेता का रिश्वत लेते वीडियो वायरल हुआ था. (Photo- ITG)

प्रमोद माधव

  • नई दिल्ली,
  • 16 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:38 AM IST

तमिलनाडु में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मंबक्कम ग्राम पंचायत के अध्यक्ष और तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के नेता वीरासामी को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है. सोशल मीडिया पर रिश्वत लेने का कथित वीडियो वायरल होने के बाद यह कार्रवाई की गई. राज्य सरकार ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में उसकी 'जीरो टॉलरेंस' नीति जारी रहेगी और कानून के सामने सभी बराबर हैं.

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सरकारी बयान के मुताबिक, ठेकेदार नवीन कुमार की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू की गई. इसके बाद थालंबुर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(5), 351(3) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया. एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने वीरासामी को गिरफ्तार कर लिया.

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इस मामले की एक खास बात यह रही कि एफआईआर दर्ज होने से पहले ही टीवीके ने वीरासामी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया था. पार्टी ने आरोप सामने आने के तुरंत बाद यह कदम उठाया.

किसी भी पार्टी का हो तुरंत लिया जाएगा एक्शन- विजय सरकार

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तमिलनाडु सरकार ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है. सरकार का कहना है कि किसी भी शख्स के खिलाफ शिकायत मिलने पर, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल या पद से जुड़ा हो, निष्पक्ष और त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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सरकारी बयान में कहा गया कि यह मामला दिखाता है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरत रही है. शिकायत मिलने के बाद तुरंत जांच शुरू की गई और पर्याप्त आधार मिलने पर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई.

विजय सरकार में कानून सबके लिए समान!

सरकार ने दोहराया कि कानून सबके लिए समान है और किसी भी व्यक्ति को उसकी राजनीतिक पहचान या पद के आधार पर विशेष संरक्षण नहीं दिया जाएगा. राज्य प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी भ्रष्टाचार के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके.

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