प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ को लेकर घिरे शशि थरूर, कांग्रेस ने कहा- जो कहा ही नहीं वह भी सुन लिया

कांग्रेस नेता शशि थरूर की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी टिप्पणी पर पार्टी के भीतर विवाद खड़ा हो गया. पवन खेड़ा ने थरूर पर तंज कसते हुए कहा कि वह ऐसी बातें भी सुन लेते हैं जो पीएम मोदी ने कही ही नहीं. थरूर ने जवाब में कहा कि उन्होंने भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था और इसे राजनीतिक रंग देना गलत है.

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    शशि थरूर की प्रधानमंत्री मोदी पर टिप्पणी से कांग्रेस में नया विवाद (Photo: PTI) शशि थरूर की प्रधानमंत्री मोदी पर टिप्पणी से कांग्रेस में नया विवाद (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 जून 2026,
  • अपडेटेड 5:24 AM IST

कांग्रेस और शशि थरूर के बीच एक नया विवाद शुरू हो गया है. कांग्रेस ने थरूर पर तंज कसा है कि पीएम नरेंद्र मोदी के लिए उनका "प्यार" अब इतना बढ़ गया है कि वो वो बातें भी सुन लेते हैं जो पीएम मोदी ने कभी कही ही नहीं. ये पूरा मामला भारतीय नाविकों की सुरक्षा से जुड़े एक बयान को लेकर शुरू हुआ है.

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शशि थरूर ने कहा था कि पीएम मोदी ने अपनी पब्लिक और प्राइवेट बातचीत दोनों में भारतीय नागरिक नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था. थरूर के मुताबिक पीएम मोदी का कहना था कि युद्ध के समय कमर्शियल जहाजों पर काम करने वाले सिविलियन नाविकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए. 

थरूर ने कहा था, 'ये बताना जरूरी है कि युद्ध के समय कमर्शियल जहाजों पर मौजूद सिविलियन नाविक लड़ाई के निशाने पर नहीं होने चाहिए. वो सैनिक नहीं हैं, और यही बात पीएम मोदी ने कही.'

कांग्रेस का तंज

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने थरूर के इस बयान पर तंज कसते हुए कहा कि उनके सीनियर साथी डॉक्टर शशि थरूर का पीएम मोदी के लिए प्यार अब इस दुनिया की सीमाओं से भी आगे निकल गया है. खेड़ा ने कहा कि थरूर अब वो बातें भी सुन सकते हैं जो पीएम मोदी कहते ही नहीं.

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खेड़ा ने इसके पीछे एक तर्क भी दिया. उनका कहना था कि विदेश मंत्रालय ने G7 समिट के दौरान मोदी और ट्रंप की मुलाकात का जो ऑफिशियल रीडआउट जारी किया था, उसमें ओमान की खाड़ी में तीन भारतीय नाविकों की अमेरिका द्वारा की गई 'हत्या' का कोई जिक्र नहीं था. 

खेड़ा ने यह भी कहा कि ये ऑपरेशन सिंदूर के बाद मोदी और ट्रंप की पहली मुलाकात थी, लेकिन रीडआउट में ऐसा कुछ नहीं था जिससे ये पता चले कि मोदी ने ट्रंप के उस दावे को चैलेंज किया हो, जिसमें ट्रंप 120 से ज्यादा बार कह चुके हैं कि उन्होंने भारत को ट्रेड में नुकसान की धमकी देकर सीजफायर कराया था.

खेड़ा ने आगे कहा कि ऑफिशियल रीडआउट में ईरानी फ्रिगेट IRIS Dena पर हुए हमले का भी कोई जिक्र नहीं था, जो हाल ही में मिलन-2026 के दौरान भारत का मेहमान बना था और भारत के पड़ोस में हुई एक बड़ी घटना थी. 

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खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा, "और फिर भी थरूर को न जाने कैसे वो दमदार बातें, मजबूत जवाब और जबरदस्त कूटनीति सुनाई दे गई जो कभी ऑफिशियल रिकॉर्ड में आई ही नहीं. शायद हम बाकी लोग सामान्य इंसानी क्षमताओं तक सीमित हैं. 'महा-मानव मोदी' के भक्तों के लिए, मोदी जितना कम बोलते हैं, उतना ही ज्यादा वो सुन लेते हैं."

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थरूर का जवाब

इस तंज के जवाब में शशि थरूर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारतीय नागरिक नाविकों की सुरक्षा को लेकर दिए गए एक बयान को राजनीतिक रंग देना बेहद हैरान करने वाली बात है. उन्होंने लिखा, "तीन भारतीयों की जान गई है. मेरी बात हमारे नागरिकों की सुरक्षा और इस सिद्धांत के बारे में थी कि समुद्र में काम करने वाले सिविलियन नाविकों को कभी भी मिलिट्री एक्शन का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए."

थरूर ने आगे कहा, "अगर कुछ लोगों को राजनीतिक फायदा उठाने में ज्यादा दिलचस्पी है बजाय इस चिंता को समझने के, तो ये बात उनके बारे में ज्यादा कहती है, मेरे बारे में नहीं." थरूर ने ये भी कहा कि भारतीयों की जान की चिंता हमें बांटने का काम नहीं बल्कि एक साथ लाने का काम करनी चाहिए.

खेड़ा के सीधे तंज के बाद थरूर ने फिर से सफाई दी. उन्होंने कहा कि उन्होंने सिर्फ मीडिया में पब्लिश हुई रिपोर्ट्स का हवाला दिया था और पीएम मोदी के नाम पर कोई ऐसी बात नहीं कही जो पहले से पब्लिक डोमेन में मौजूद न हो. 

थरूर ने लिखा, "जो लोग सोचते हैं कि मैंने वो बातें 'सुनी' जो पीएम मोदी ने G7 में कभी कही ही नहीं, मैं सिर्फ उन रिपोर्ट्स का हवाला दे रहा था जो पहले से पब्लिश हो चुकी हैं. अगर आप एक रिपोर्ट सुनना चाहते हैं, तो यहां है." इसके साथ उन्होंने एक यूट्यूब लिंक भी शेयर किया जिसमें मीडिया रिपोर्ट थी.

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थरूर ने गूगल जेमिनी से बनाई गई एक समरी भी पोस्ट की, जिसमें कहा गया था कि फ्रांस के एविएन में हुए G7 आउटरीच सेशन के दौरान पीएम मोदी ने सिविलियन नाविकों की सुरक्षा और ओमान की खाड़ी की घटना के बाद ग्लोबल शिपिंग रूट्स को सुरक्षित करने की जरूरत पर चिंता जताई थी. उस समरी में ये भी लिखा था कि पीएम मोदी के ये बयान बहुत अहम कूटनीतिक वजन रखते थे क्योंकि ये एक बड़े मैरिटाइम क्राइसिस के ठीक बाद आए थे, जब अमेरिकी सेना ने ईरानी तेल के ट्रांसपोर्ट से जुड़े एक कथित ब्लॉकेड उल्लंघन को लेकर मर्चेंट वेसल सेटेबेलो पर हमला किया था, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी.

अपनी बात का बचाव करते हुए थरूर ने कहा कि वो बहुत पढ़ते हैं और अपनी इस व्याख्या पर कायम हैं. उन्होंने लिखा, "मुझ पर अपनी पूरी जिंदगी में कभी भी किसी फैक्ट या बयान को गलत तरीके से पेश करने का आरोप नहीं लगा है और मैं प्रिंट मीडिया में पढ़ी गई उन बातों की अपनी समरी पर कायम हूं, जो कथित तौर पर तब कही गई थीं जब हमारे पीएम डोनाल्ड ट्रंप के बगल में बैठे थे."

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बीजेपी का हमला

इस पूरे विवाद के बीच बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी निशाना साधा. उनका कहना था कि नाविकों के मामले पर मोदी सरकार के रुख को लेकर थरूर के बयान, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के स्टैंड से बिल्कुल अलग हैं. पूनावाला ने कहा, "ये शर्मनाक है. कल राहुल गांधी का जन्मदिन था, लेकिन उन्हें कोई गिफ्ट नहीं मिला. डॉक्टर शशि थरूर ने राहुल गांधी के स्टैंड का खंडन कर दिया और कह दिया कि पीएम मोदी ने नाविकों के मुद्दे पर ट्रंप के सामने भारत का पक्ष बहुत मजबूती से रखा और देश का रुख बहुत असरदार तरीके से सामने रखा."

पूनावाला ने आगे ये भी आरोप लगाया कि थरूर बार-बार पीएम मोदी की सोच, बोलने के तरीके और नेतृत्व की तारीफ करते रहे हैं. उन्होंने कांग्रेस पर भी तंज कसा कि पार्टी राहुल गांधी को भविष्य के प्रधानमंत्री उम्मीदवार के तौर पर पेश करती है, लेकिन पार्टी के कुछ नेता खुद इस बात से सहमत नहीं हैं.
 

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