बंगाल हिंसा की RSS ने की निंदा, बताया पूर्व नियोजित, केंद्र से हर संभव कदम उठाने की अपील

पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद हुई हिंसा पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का बयान आया है. संघ ने इस हिंसा की निंदा की है और केंद्र, राज्य सरकार से अपील की है कि वह शांति के लिए हर संभव कदम उठाएं.

Advertisement
RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले (PTI) RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले (PTI)

अशोक सिंघल

  • नई दिल्ली,
  • 07 मई 2021,
  • अपडेटेड 3:41 PM IST
  • पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा पर RSS का बयान
  • पूर्व नियोजित है हिंसा, बेखौफ हुए दंगाई: RSS

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही कई जिलों में हिंसा हुई है. इस दौरान दर्जनों राजनीतिक कार्यकर्ता मारे गए हैं, केंद्रीय गृह मंत्रालय इसकी जांच भी कर रहा है. इस बीच अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का बयान भी सामने आया है. RSS ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि वो राज्य में हिंसा को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाएं. 

‘पूर्व नियोजित है बंगाल की हिंसा’
शुक्रवार को RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने बयान जारी किया है, उन्होंने कहा कि बंगाल में चुनाव परिणाम के तुरंत बाद उन्मुक्त होकर अनियंत्रित तरीके से हुई राज्यव्यापी हिंसा न केवल निंदनीय है, बल्कि पूर्व नियोजित भी है. इस दौरान महिलाओं के साथ घृणास्पद बर्बर व्यवहार किया गया, निर्दोष लोगों की क्रूरतापूर्ण हत्याएं की गईं, हिंसा के फलस्वरूप अनुसूचित जाति-जनजाति समाज के बंधुओं सहित हज़ारों लोग अपने घरों से बेघर होकर प्राण-मान रक्षा के लिए सुरक्षित स्थानों पर शरण के लिए मजबूर हुए हैं. 

बयान में कहा गया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस वीभत्स हिंसा की कठोर शब्दों में निंदा करता है. हमारा यह सुविचारित मत है कि चुनाव-परिणामों के पश्चात अनियंत्रित चल रही हिंसा संविधान की मूलभावना के खिलाफ है. सबसे ज्यादा दुख की बात ये है कि शासन और प्रशासन की भूमिका केवल मूक दर्शक की ही दिखाई दे रही है. दंगाइयों को ना ही कोई डर दिखाई दे रहा है और ना ही शासन-प्रशासन की ओर से नियंत्रण की कोई प्रभावी पहल दिखाई दे रही है.  

Advertisement


‘हर संभव कदम उठाए केंद्र सरकार’
RSS ने नई सरकार से मांग की है कि उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता राज्य में चल रही हिंसा को तुरंत समाप्त कर कानून का शासन स्थापित करना, दोषियों को अविलंब गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करना, हिंसा-पीड़ितों के मन में विश्वास और सुरक्षा का भाव पैदा कर पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठाना, होनी चाहिए. 

राज्य सरकार के अलावा संघ ने केंद्र सरकार से भी एक्शन की अपील की है, बयान में कहा गया है कि हम केंद्र सरकार से भी आग्रह करते है कि वह बंगाल में शान्ति क़ायम करने हेतु आवश्यक हर सम्भव कदम उठाएं एवं यह सुनिश्चित करें कि राज्य सरकार भी इसी दिशा में कार्रवाई करे.

आपको बता दें कि बंगाल में दो मई को चुनाव के नतीजे घोषित किए गए थे, उसी के बाद से कई इलाकों में हिंसा देखने को मिली. इस दौरान राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या, तोड़फोड़, आगजनी, लूटपाट हुई. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शपथ लेने के बाद शांति बनाए रखने की अपील की है, साथ ही हिंसा करने वालों पर एक्शन की बात कही है. 

Advertisement

 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »