राज्यसभा चुनाव: बिहार की पांचों सीटों पर NDA का परचम... जानें 10 राज्यों की 37 सीटों पर क्या रहे नतीजे

बिहार समेत 10 राज्यों में राज्यसभा की 37 सीटों के लिए हुए चुनाव के नतीजों में कई दिलचस्प बातें सामने आईं. बिहार, ओडिशा और हरियाणा में 26 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए. वहीं बिहार की सभी पांच सीटें एनडीए ने जीतीं, जबकि ओडिशा में बीजद और कांग्रेस विधायकों की क्रॉस-वोटिंग के कारण भाजपा को दो सीटें मिलीं. हरियाणा में मतपत्र की गोपनीयता को लेकर विवाद के चलते मतगणना करीब 5 घंटे तक रुकी रही और देर रात नतीजे आए.

Advertisement
बिहार के राज्यसभा चुनाव में नीतीश कुमार और नितिन नवीन समेत एनडीए के पांचों उम्मीदवारों की जीत हुई. (Photo: PTI) बिहार के राज्यसभा चुनाव में नीतीश कुमार और नितिन नवीन समेत एनडीए के पांचों उम्मीदवारों की जीत हुई. (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 2:04 AM IST

देश के 10 राज्यों में सोमवार को राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव हुए. सात राज्यों असम, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में 26 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए. बाकी 11 सीटों के लिए बिहार, ओडिशा और हरियाणा में वोटिंग की जरूरत पड़ी. इनमें से बिहार में 5, ओडिशा में 4 और हरियाणा में 2 सीटें थीं. हरियाणा में मतपत्र की गोपनीयता के उल्लंघन को लेकर बीजेपी और कांग्रेस ने चुनाव आयोग में आपत्ति दर्ज कराई, जिस कारण मतगणना 5 घंटे तक रुकी रही और देर रात नतीजे आए.

Advertisement

सबसे ज्यादा ध्यान बिहार के राज्यसभा चुनाव ने खींचा. यहां से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा, रामनाथ ठाकुर और शिवेश कुमार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में थे. वहीं महागठबंधन ने अमरेंद्र धारी सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया था. एनडीए ने बिहार की सभी पांच राज्यसभा सीटों पर जीत हासिल की. उसके सभी 202 विधायकों ने मतदान में हिस्सा लिया. नीतीश कुमार को 44 विधायकों के वोट मिले, जबकि नितिन नवीन को भी 44 विधायकों का समर्थन प्राप्त हुआ.

राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता उपेंद्र कुशवाहा को 42 विधायकों के वोट मिले और रामनाथ ठाकुर को भी 42 विधायकों का समर्थन मिला. पांचवीं सीट के लिए एनडीए और महागठबंधन के उम्मीदवार में कांटे का मुकाबला देखने को मिला. हालांकि, महागठबंधन के 4 विधायकों ने मतदान से दूरी बना ली, जिसका फायदा एनडीए उम्मीदवार शिवेश कुमार को मिला. उन्होंने महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह को दूसरी वरीयता के वोटों के आधार पर हरा दिया. शिवेश कुमार को 4202 टोटल वैल्यू ऑफ वोट मिला, जबकि अमरेंद्र धारी सिंह को 3700 टोटल वैल्यू ऑफ वोट मिला. प्रथम वरीयता के वोट की बात करें तो म​हागठबंधन उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह 37 मतों के साथ, एनडीए के शिवेश कुमार से आगे रहे.

Advertisement

महागठबंधन के 4 MLAs ने नहीं डाले वोट, NDA जीता

शिवेश कुमार को 30 प्रथम वरीयता वोट प्राप्त हुए. हालांकि, द्वितीय वरीयता के वोटों की गिनती के बाद शिवेश कुमार के कुल वोटों की संख्या में वृद्धि हुई, जबकि अमरेंद्र धारी सिंह को द्वितीय वरीयता का एक भी वोट नहीं मिला. महागठबंधन के जिन विधायकों ने मतदान से दूरी बनाई, उनमें कांग्रेस के मनोहर प्रसाद, सुरेंद्र कुशवाहा, मनोज विश्वास और आरजेडी के फैसल रहमान शामिल हैं. बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में नीतीश कुमार की जेडीयू, चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास), जीतन राम मांझी के नेतृत्व वाली हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं.

वहीं महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस और वामदल शामिल हैं. हालांकि, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के 5 और बसपा के 1 विधायक ने महागठबंधन के उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया. अगर कांग्रेस के 3 और राजद के 1 विधायक ने मतदान से दूरी नहीं बनाई होती, तो महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह आसानी से जीत जाते. बिहार में राज्यसभा चुनाव के फार्मूले के मुताबिक, यदि सभी 243 विधायक मतदान में हिस्सा लेते, तो प्रत्येक उम्मीदवार को जीतने के लिए कम से कम 41 वोटों की आवश्यकता होती.

Advertisement

ओडिशा की चार में से बीजेपी ने जीतीं दो राज्यसभा सीटें

ओडिशा में बीजू जनता दल और कांग्रेस के कुछ विधायकों की क्रॉस-वोटिंग और राजनीतिक दांव-पेच से भरपूर एक कड़े मुकाबले में बीजेपी ने राज्यसभा की दो सीटें जीतने में सफलता पाई. राज्य में राज्यसभा की चार सीटों के लिए हुए चुनाव में भारी गहमागहमी देखने को मिली. मतपत्र की गोपनीयता के उल्लंघन और मतदान को प्रभावित करने प्रयास के आरोपों को लेकर मतदान प्रक्रिया में कुछ देर के लिए रुकावट भी आई. बीजेपी के वरिष्ठ नेता और ओडिशा प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल अपनी सीट जीतने में कामयाब रहे. 

भाजपा के एक अन्य उम्मीदवार और राज्यसभा के मौजूदा सदस्य सुजीत कुमार भी उच्च सदन के लिए दोबारा निर्वाचित हुए. एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप राय ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की. ​​कई बीजेडी और कांग्रेस विधायकों की क्रॉस-वोटिंग ने उनकी जीत का मार्ग प्रशस्त किया. बीजेडी सूत्रों के मुताबिक करीब आठ पार्टी विधायकों ने दिलीप राय के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग की, जिससे राज्यसभा चुनाव का परिणाम प्रभावित हुआ. बीजू जनता दल से संतृप्त मिश्रा ने जीत हासिल की.

हरियाणा में देर रात तक हुआ जीत-हार का फैसला

हरियाणा राज्यसभा चुनाव की मतगणना से पहले, कांग्रेस और भाजपा दोनों ने कुछ विधायकों द्वारा डाले गए मतों की गोपनीयता पर आपत्ति जताई. आपत्तियों में आरोप लगाया गया कि मतदान के दौरान मतपत्र अनधिकृत व्यक्तियों को दिखाए गए, जिससे गोपनीयता नियमों का उल्लंघन हुआ. कांग्रेस ने भाजपा विधायक और कैबिनेट मंत्री अनिल विज के मतपत्र की गोपनीयता को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है. वहीं, भाजपा ने कांग्रेस विधायकों परमवीर सिंह और भरत बेनीवाल के मतपत्रों की गोपनीयता पर आपत्ति जताई. दोनों दलों का आरोप था कि अधिकृत एजेंटों को मतपत्र दिखाते समय मतदान की गोपनीयता का ठीक से पालन नहीं किया गया और चिह्नित मतपत्र अधिकृत एजेंटों के अलावा अन्य लोगों को भी दिखाई दिए. 

Advertisement

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर हरियाणा राज्यसभा चुनाव में 'हस्तक्षेप' का आरोप लगाया. देर रात चुनाव आयोग ने कांग्रेस और बीजेपी की कुल तीन आपत्तियों में से दो का निपटारा किया. आयोग ने बीजेपी विधायक और कैबिनेट मंत्री अनिल विज के मत को अमान्य करने की कांग्रेस की याचिका खारिज कर दी. अनिल विज का मत मान्य हुआ. साथ ही कांग्रेस विधायक भरत बेनीवाल के मत को भी चुनाव आयोग ने मान्य करार दिया. वहीं एक अन्य कांग्रेस विधायक परमवीर सिंह के मत को अमान्य करने की बीजेपी की याचिका को चुनाव आयोग ने मंजूर कर लिया. उनका मत अमान्य करार दिया गया. इसके बाद हरियाणा राज्यसभा चुनाव की मतगणना शुरू हुई. हरियाणा में दो राज्यसभा सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में हैं. बीजेपी ने संजय भाटिया को अपना उम्मीदवार बनाया है और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल का समर्थन कर रही है. वहीं कांग्रेस ने करमवीर सिंह बौध को अपना उम्मीदवार बनाया है.

कांग्रेस-बीजेपी के बीच विवाद की वजह से देर रात तक फैसला आया. कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध और BJP के संजय भाटिया की जीत हुई है.

अन्य 7 राज्यों में राज्यसभा चुनाव के नतीजे

हिमाचल प्रदेश (1 सीट)

अनुराग शर्मा - कांग्रेस - निर्विरोध निर्वाचित

तेलंगाना (2 सीटें)

Advertisement

अभिषेक मनु सिंघवी - कांग्रेस - निर्विरोध निर्वाचित
वेम नरेंद्र रेड्डी - कांग्रेस - निर्विरोध निर्वाचित

छत्तीसगढ़ (2 सीटें)

लक्ष्मी वर्मा - भाजपा - निर्विरोध निर्वाचित
फूलो देवी नेताम - भाजपा - निर्विरोध निर्वाचित

असम (3 सीटें)

जोगेन मोहन - भाजपा - निर्विरोध निर्वाचित
तेराश गोवाला - भाजपा - निर्विरोध निर्वाचित
प्रमोद बोरो - यूपीपीएल - निर्विरोध निर्वाचित

तमिलनाडु (6 सीटें)

तिरुचि शिवा - डीएमके - निर्विरोध निर्वाचित
जे. कॉन्स्टैन्टाइन रविंद्रन - डीएमके - निर्विरोध निर्वाचित
एम. थम्बी दुरई - एआईएडीएमके - निर्विरोध निर्वाचित
अंबुमणि रामदॉस - पीएमके - निर्विरोध निर्वाचित
एम. क्रिस्टोफर तिलक - कांग्रेस - निर्विरोध निर्वाचित
एल. के. सुधीश - डीएमडीके - निर्विरोध निर्वाचित

पश्चिम बंगाल (5 सीटें)

बाबुल सुप्रियो - टीएमसी - निर्विरोध निर्वाचित
राजीव कुमार - टीएमसी - निर्विरोध निर्वाचित
मेनका गुरुस्वामी - टीएमसी - निर्विरोध निर्वाचित
कोयल मल्लिक - टीएमसी - निर्विरोध निर्वाचित
राहुल सिन्हा - भाजपा - निर्विरोध निर्वाचित

महाराष्ट्र (7 सीटें)

विनोद तावड़े - भाजपा - निर्विरोध निर्वाचित
रामराव वडकुते - भाजपा - निर्विरोध निर्वाचित
माया इवनाटे - भाजपा - निर्विरोध निर्वाचित
रामदास अठावले - आपीआई - निर्विरोध निर्वाचित
ज्योति वाघमारे - शिवसेना - निर्विरोध निर्वाचित
पार्थ पवार - एनसीपी - निर्विरोध निर्वाचित
शरद पवार - एनसीपी (एसपी) - निर्विरोध निर्वाचित

हरियाणा

करमवीर सिंह बौद्ध - कांग्रेस 

संजय भाटिया - भाजपा

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement