राहुल गांधी पर FIR दर्ज करने का आदेश, दोहरी नागरिकता केस में बढ़ी मुश्किलें

Rahul Gandhi Dual Citizenship Case: दोहरी नागरिकता के मामले में कांग्रेस नेता और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी को लेकर बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया है कि इस मामले में राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की जाए.

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हाईकोर्ट के आदेश के बाद दोहरी नागरिकता केस में राहुल गांधी पर FIR की कार्रवाई तेज (Photo: PTI) हाईकोर्ट के आदेश के बाद दोहरी नागरिकता केस में राहुल गांधी पर FIR की कार्रवाई तेज (Photo: PTI)

संतोष शर्मा / कुमार अभिषेक

  • लखनऊ, उत्तर प्रदेश,
  • 17 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 6:34 PM IST

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक बड़ा आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि रायबरेली में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की जाए. यह मामला उनकी ब्रिटिश नागरिकता से जुड़ा है. यानी सवाल यह है कि क्या राहुल गांधी के पास भारत के साथ-साथ ब्रिटेन की भी नागरिकता है. और अगर है, तो क्या वो भारत के सांसद बन सकते हैं?

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बीजेपी नेता विग्नेश शिशिर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में एक याचिका दाखिल की थी. उनकी मांग थी कि राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की जाए क्योंकि उन पर आरोप है कि उनके पास ब्रिटेन की नागरिकता है.

आरोप क्या है राहुल गांधी पर?

आरोप यह है कि राहुल गांधी के पास दोहरी नागरिकता है. यानी वो एक तरफ भारतीय नागरिक हैं, और दूसरी तरफ ब्रिटिश नागरिक भी हैं. भारत का कानून कहता है कि एक व्यक्ति के पास सिर्फ एक देश की नागरिकता हो सकती है. अगर किसी के पास दोहरी नागरिकता है, तो वो भारत में चुनाव नहीं लड़ सकता और न ही सांसद बन सकता है.

रायबरेली से चुनाव जीतने पर उठा सवाल

2024 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी रायबरेली सीट से सांसद चुने गए. इसके बाद विग्नेश शिशिर ने कोर्ट में याचिका लगाई कि अगर राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता है, तो उनका सांसद बनना गैरकानूनी है. 

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कोर्ट ने क्या कहा?

जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की बेंच ने याचिका सुनी और FIR दर्ज करने का आदेश दे दिया. कोर्ट ने रायबरेली थाने को निर्देश दिया कि वो राहुल गांधी के खिलाफ केस दर्ज करे. इसके अलावा कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की यह मांग भी मान ली कि इस मामले की जांच CBI को सौंपी जाए.

केंद्र सरकार की क्या भूमिका रही?

विग्नेश शिशिर ने अपने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने इस मामले से जुड़ी टॉप सीक्रेट फाइलें कोर्ट के सामने पेश करने की अनुमति दी. उनका कहना है कि इन्हीं फाइलों की वजह से कोर्ट ने यह फैसला दिया.

आगे क्या होगा?

अब CBI इस मामले की जांच करेगी. FIR दर्ज होने के बाद जांच एजेंसी यह पता लगाएगी कि राहुल गांधी के पास सच में ब्रिटिश नागरिकता है या नहीं. विग्नेश शिशिर ने यह भी कहा है कि वो जांच में पुलिस की मदद करेंगे.

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