राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 19 से 25 जुलाई तक तीन यूरोपीय देशों के दौरे पर, भारत-यूरोप संबंधों को मिलेगी नई मजबूती

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 19 से 25 जुलाई तक मोल्दोवा, नार्थ मैसिडोनिया और रोमानिया की राजकीय यात्रा पर रहेंगी. इस दौरान व्यापार, प्रौद्योगिकी, पर्यटन और निवेश समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी. राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा भी भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे. यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की मोल्दोवा और नार्थ मैसिडोनिया की पहली तथा रोमानिया की 30 साल से अधिक समय बाद होने वाली राजकीय यात्रा है, जिससे भारत और यूरोप के संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.

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23 से 25 जुलाई तक रोमानिया में रहेंगी राष्ट्रपति. File Photo ITG 23 से 25 जुलाई तक रोमानिया में रहेंगी राष्ट्रपति. File Photo ITG

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 10:45 PM IST

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 19 से 25 जुलाई तक मोल्दोवा, नार्थ मैसिडोनिया और रोमानिया की आधिकारिक राजकीय यात्रा पर रहेंगी. इस दौरान भारत और इन तीनों देशों के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी, पर्यटन, निवेश और आपसी सहयोग को नई मजबूती देने पर जोर रहेगा.

इस दौरे से पहले भारतीय प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य ने जानकारी दी कि उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में मोल्दोवा, नार्थ मैसिडोनिया और रोमानिया की आधिकारिक यात्रा में देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है. उन्होंने इसे अपने लिए गौरव का विषय बताया.

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तीन देशों के इस राजकीय दौरे में राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा भी भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में शामिल होंगे. डॉ. शर्मा ने कहा कि उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ इस आधिकारिक यात्रा में देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है. उन्होंने बताया कि वह 19 जुलाई से 25 जुलाई तक आधिकारिक दौरे पर रहेंगे.

विदेश मंत्रालय के अनुसार, किसी भारतीय राष्ट्रपति की मोल्दोवा और नार्थ मैसिडोनिया की यह पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी. वहीं, रोमानिया की किसी भारतीय राष्ट्रपति द्वारा 30 साल से अधिक समय बाद राजकीय यात्रा की जा रही है. इससे पहले 1994 में भारतीय राष्ट्रपति ने रोमानिया का दौरा किया था.

विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बताया कि यह यात्रा मध्य और पूर्वी यूरोप के देशों के साथ भारत के बढ़ते संबंधों का प्रतीक है. साथ ही यह यूरोपीय संघ के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूत करेगी.

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व्यापार, प्रौद्योगिकी और पर्यटन पर रहेगा विशेष जोर
यात्रा के दौरान व्यापार, प्रौद्योगिकी और पर्यटन के साथ-साथ निवेश, डिजिटल तकनीक, नवाचार, अक्षय ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, संस्कृति और संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी.

20 जुलाई को मोल्दोवा पहुंचेंगी राष्ट्रपति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 20 जुलाई को राष्ट्रपति माया सांडू के निमंत्रण पर मोल्दोवा पहुंचेंगी. वहां वह राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगी. इसके अलावा मोल्दोवा के प्रधानमंत्री और संसद अध्यक्ष इगोर ग्रोसु से भी मुलाकात करेंगी.

राष्ट्रपति मोल्दोवा-भारत संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों से बातचीत करेंगी, भारत-मोल्दोवा व्यापार मंच को संबोधित करेंगी और वहां रह रहे भारतीय समुदाय से भी मुलाकात करेंगी. राष्ट्रपति माया सांडू उनके सम्मान में राजकीय भोज का आयोजन करेंगी.

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और मोल्दोवा के बीच संबंध मित्रतापूर्ण हैं, हालांकि आर्थिक सहयोग की अभी काफी संभावनाएं हैं. मंत्रालय ने यह भी बताया कि अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले की मोल्दोवा ने कड़ी निंदा की थी और आतंकवाद के खिलाफ भारत का समर्थन किया था.

21 और 22 जुलाई को नार्थ मैसिडोनिया का दौरा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 21 और 22 जुलाई को राष्ट्रपति गोरदाना सिल्यानोव्स्का-दावकोवा के निमंत्रण पर नार्थ मैसिडोनिया जाएंगी. वहां वह राष्ट्रपति से द्विपक्षीय वार्ता करेंगी, प्रधानमंत्री ह्रिस्टियान मिकोस्की और संसद अध्यक्ष से मुलाकात करेंगी तथा नार्थ मैसिडोनिया की संसद को संबोधित भी करेंगी.

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राष्ट्रपति भारत-नार्थ मैसिडोनिया व्यापार मंच में भी हिस्सा लेंगी. विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देश कृषि, दवा उद्योग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी और आईटी सेवाओं जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के इच्छुक हैं. नार्थ मैसिडोनिया खुद को भारतीय कंपनियों के लिए यूरोप का प्रवेश द्वार बनाना चाहता है.

23 से 25 जुलाई तक रोमानिया में रहेंगी राष्ट्रपति
दौरे के अंतिम चरण में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 23 से 25 जुलाई तक राष्ट्रपति निकुसोर दान के निमंत्रण पर रोमानिया जाएंगी. इस दौरान वह राष्ट्रपति निकुसोर दान के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगी. इसके अलावा अंतरिम प्रधानमंत्री इलिये बोलोजान, सीनेट अध्यक्ष मिर्चिया अब्रुडियन, चैंबर ऑफ डेप्युटीज के अध्यक्ष सोरिन ग्रिंडेनू और रोमानिया-भारत संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों से मुलाकात करेंगी.

राष्ट्रपति भारत-रोमानिया व्यापार मंच को भी संबोधित करेंगी और रोमानिया में रह रहे भारतीय समुदाय से बातचीत करेंगी. विदेश मंत्रालय के अनुसार, रोमानिया यूरोपीय संघ में भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है. भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के बाद दोनों देशों के आर्थिक संबंध और मजबूत होने की उम्मीद है.

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