'एक खुद काशी तो दूसरे में दक्षिण काशी...' , वाराणसी में तमिल संगमम् में बोले पीएम मोदी

पीएम मोदी ने वाराणसी में कहा, काशी में बाबा विश्वनाथ हैं तो तमिलनाडु में भगवान रामेश्वरम का आशीर्वाद है. काशी और तमिलनाडु दोनों शिवमय हैं, दोनों शक्तिमय हैं. एक स्वंय में काशी है, तो तमिलनाडु में दक्षिण काशी है. 'काशी-कांची' के रूप में दोनों की सप्तपुरियों में अपनी महत्ता है. 

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वाराणसी में पीएम मोदी वाराणसी में पीएम मोदी

aajtak.in

  • वाराणसी,
  • 19 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 4:33 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में 'काशी-तमिल संगमम' को संबोधित किया. यहां वे तमिल वेशभूषा में ही पहुंचे. प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी और तमिलनाडु दोनों में भगवान शिव हैं. एक सच में काशी है तो दूसरे में दक्षिण काशी है. 

काशी और तमिलनाडु में समानताएं गिनाते हुए पीएम मोदी ने कहा, एक ओर पूरे भारत को अपने आप में समेटे हमारी सांस्कृतिक राजधानी काशी है तो दूसरी ओर, भारत की प्राचनीता और गौरव का केंद्र, हमारा तमिलनाडु और तमिल संस्कृति है. पीएम ने कहा कि काशी और तमिलनाडु दोनों ही संस्कृति और सभ्यता के टाइमलेस सेंटर्स हैं. दोनों क्षेत्र, संस्कृत और तमिल जैसी विश्व की सबसे प्राचीन भाषाओं का केंद्र हैं. 

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'दोनों शिवमय, दोनों शक्तिमय'

पीएम ने कहा, काशी में बाबा विश्वनाथ हैं तो तमिलनाडु में भगवान रामेश्वरम का आशीर्वाद है. काशी और तमिलनाडु दोनों शिवमय हैं, दोनों शक्तिमय हैं. एक स्वंय में काशी है, तो तमिलनाडु में दक्षिण काशी है. 'काशी-कांची' के रूप में दोनों की सप्तपुरियों में अपनी महत्ता है. 

'विद्वानों को समझे बिना भारत को समझना संभव नहीं' 

इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि मेरा अनुभव है, रामानुजार्य और शंकराचार्य से लेकर राजाजी और सर्वपल्ली राधाकृष्णन तक, दक्षिण के विद्वानों के भारतीय दर्शन को समझे बिना हम भारत को नहीं जान सकते. 

'दुनिया की सबसे प्राचीन भाषा- तमिल'

तमिल भाषा पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमारे पास भी दुनिया की सबसे पुरानी भाषा तमिल है. आज तक ये भाषा उतनी ही पॉपुलर है उतनी ही अलाइव है. पीएम मोदी ने यह भी कहा कि ये हम 130 करोड़ देशवासियों की जिम्मेदारी है कि हमें तमिल की इस विरासत को बचाना भी है और समृद्ध करना भी है. 

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में 'काशी-तमिल संगमम' का आयोजन किया जा रहा है. इससे दक्षिण का उत्तर से अद्भुत संगम हो रहा है. सहस्त्राब्दियों पुराना संबंध फिर से नवजीवन पा रहा है.

गौरतलब है कि काशी तमिल संगमम के मंच पर जब पीएम मोदी पहुंचे तो पूरा पंडाल वणक्कम-वणक्कम (नमस्ते) की आवाज से गूंज उठा. पीएम ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में 'काशी-तमिल संगमम' कार्यक्रम का उद्घाटन किया.

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