संसद के मॉनसून सत्र में लगातार हर दिन हंगामा हो रहा है. बुधवार को संसद सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा हो गया. प्रश्नकाल को शुरू हुए अभी 2 मिनट ही बीते थे कि विपक्षी दलों की ओर से लगातार हो रही नारेबाजी के चलते लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सदन की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया. उधर, गतिरोध समाप्त करने के लिए किरेन रिजिजू और राहुल गांधी बातचीत कर रहे हैं.
इससे पहले संसद सत्र शुरू होने से पहले संसद परिसर में विपक्षी दलों के नेताओं ने मार्च निकाला था. इस मार्च में सपा के सांसद, कांग्रेस के नेता भी शामिल हैं. ये मार्च गांधी प्रतिमा से मकर द्वार तक निकाला जा रहा है और इसके जरिये छात्रों के मुद्दे पर आवाज उठाई जा रही है. इस दौरान राहुल गांधी ने पूछा कि पैलेट गन किसके आदेश से चली. विपक्ष लगातार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से संसद में आकर जवाब देने की मांग कर रहा है.
संसद के बाहर से लेकर भीतर तक स्टूडेंट प्रोटेस्ट और चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर सियासत गर्म है. मंगलवार को चढावा चोरी का मुद्दा राज्यसभा और लोकसभा, दोनों सदनों में छाया रहा. राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और केंद्र सरकार से मामले में ईडी, सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई पर जवाब मांगा है.
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सदन में विपक्ष के हंगामे के बीच एनडीए सांसदों ने पीएम मोदी से मुलाकात की है. संसद में विपक्ष जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस की कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग कर रहा है.
संसद में जारी गतिरोध के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. यह बैठक संसद परिसर स्थित नेता प्रतिपक्ष (LoP) के कार्यालय में हुई.
बैठक में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद रहीं. संसद के दोनों सदनों में लगातार जारी गतिरोध को खत्म करने और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने के मुद्दे पर चर्चा के लिए यह बैठक बुलाई गई.
संसद में विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है, जिसके कारण कई दिनों से लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है. ऐसे में इस बैठक को गतिरोध समाप्त करने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है.
लोकसभा में बुधवार को कार्यवाही की शुरुआत हुई. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला चेयर पर थे. उन्होंने प्रश्नकाल की शुरुआत की और कहा कि सदन के भीतर और बाहर इस तरह की गतिविधि ठीक नहीं है. लेकिन विपक्षी सांसद लगातार नारेबाजी करते रहे. इसके बाद महज तीन मिनट में ही संसद की कार्यवाही स्थगित हो गई. 12 बजे तक सदन की कार्यवाही रोक दी गई है.
विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि पूरा विपक्ष छात्रों पर हुई कथित पुलिस बर्बरता के खिलाफ आवाज उठा रहा है. उन्होंने मांग की कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में आकर बयान दें और बताएं कि छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों किया गया तथा उनके खिलाफ आग्नेयास्त्रों और पैलेट गन का इस्तेमाल क्यों किया गया.
इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा, "सीवान में गोलीबारी की घटना में तीन बच्चे घायल हुए. सरकार को बताना चाहिए कि छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया."
उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर भी विरोध प्रदर्शन कर रहा है. उन्होंने कहा, "यह जम्मू-कश्मीर के लोगों का लोकतांत्रिक अधिकार है. सरकार आखिर कब तक उन्हें उनके अधिकार से वंचित रखेगी?"
कांग्रेस सांसद ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग के मुद्दे का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आस्था और श्रद्धा के नाम पर मिले चढ़ावे के कथित दुरुपयोग को लेकर सरकार जवाबदेह है और उसे संसद में इस पर जवाब देना चाहिए.
विपक्ष ने 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी (CJP) प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लिया. इसके साथ ही अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोप और अन्य मुद्दों को लेकर भी केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताया. मार्च के दौरान विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और इन मुद्दों पर संसद में चर्चा तथा सरकार से जवाब की मांग की. विपक्ष का आरोप है कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटका रही है, जबकि सत्ता पक्ष इन आरोपों को निराधार बता चुका है.
विपक्ष ने 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी (CJP) प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लिया. इसके साथ ही अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोप और अन्य मुद्दों को लेकर भी केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताया.
मार्च के दौरान विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और इन मुद्दों पर संसद में चर्चा तथा सरकार से जवाब की मांग की. विपक्ष का आरोप है कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटका रही है, जबकि सत्ता पक्ष इन आरोपों को निराधार बता चुका है. संसद के दोनों सदनों में भी इन मुद्दों को लेकर हंगामे के आसार बने हुए हैं.
संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों के सांसदों ने बुधवार को केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध मार्च निकाला. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेता प्रेरणा स्थल स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा से मकर द्वार तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे.
संसद भवन परिसर में स्टूडेंट्स पर एक्शन के खिलाफ विपक्षी नेता मार्च कर रहे हैं. राहुल गांधी ने पूछा कि पैलेट गन किसके आदेश पर चली है. इसके साथ ही विपक्षी नेता अमित शाह से जवाब देने की मांग कर रहे हैं.
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है. उन्होंने 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर चर्चा की मांग की है.अपने नोटिस में मणिकम टैगोर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में इस मामले पर विस्तृत बयान देने की मांग की है. उनका कहना है कि छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई गंभीर चिंता का विषय है और इस पर संसद में चर्चा होनी चाहिए.
संसद के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव (Adjournment Motion) का नोटिस दिया है. उन्होंने नए दलबदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) की रूपरेखा पर चर्चा कराने की मांग की है. मनीष तिवारी ने अपने नोटिस में कहा है कि ऐसा नया कानून बनाया जाए, जो स्वार्थ और अवसरवाद से प्रेरित सामूहिक राजनीतिक दलबदल पर प्रभावी रोक लगाए. साथ ही, कानून में वास्तविक वैचारिक या नीतिगत मतभेदों के आधार पर ईमानदार असहमति के लिए संसद और विधानसभाओं के भीतर तथा बाहर पर्याप्त लोकतांत्रिक स्थान भी सुनिश्चित किया जाए.