LoC पर पाकिस्तानी रेंजर से इंडियन आर्मी के जवान ने क्यों किया हैंडशेक? जानें पूरी कहानी

12 जून को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में तीतवाल सेक्टर के सिमरी गांव के पास भारतीय सेना और पुलिस ने मिलकर एक पाकिस्तानी नागरिक असद खान को पकड़ा. 18 जून को उसे पाकिस्तानी सेना को सौंप दिया गया. इस मौके पर दोनों देशों के अफसरों के बीच हैंडशेक की तस्वीर भी सामने आई, जो मौजूदा तनाव में खास मानी जा रही है.

Advertisement
कुपवाड़ा में पकड़े गए पाकिस्तानी नागरिक को सम्मानजनक व्यवहार के बाद लौटाया गया (Photo: X/@ChinarcorpsIA) कुपवाड़ा में पकड़े गए पाकिस्तानी नागरिक को सम्मानजनक व्यवहार के बाद लौटाया गया (Photo: X/@ChinarcorpsIA)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 जून 2026,
  • अपडेटेड 6:56 PM IST

एक पाकिस्तानी नागरिक एलओसी पार करके भारत में आ गया था. भारतीय सेना ने उसे पकड़ा, छह दिन तक रखा और फिर पाकिस्तान को सौंप दिया. इस दौरान दोनों देशों की सेनाओं के अफसरों के बीच हाथ मिलाने की एक तस्वीर भी सामने आई, जो आज के तनावपूर्ण माहौल में काफी अलग और खास मानी जा रही है.

12 जून को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में तीतवाल सेक्टर के सिमरी गांव के पास भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिलकर एक संयुक्त ऑपरेशन किया. खुफिया जानकारी के आधार पर सेना की चिनार कोर के जवानों को पता चला कि कोई शख्स एलओसी पार करके भारत की तरफ आ गया है. 

Advertisement

सेना ने तुरंत एक्शन लिया और इस शख्स को पकड़ लिया, ताकि कोई सुरक्षा खतरा न पैदा हो. जिस शख्स को पकड़ा गया उसका नाम असद खान बताया गया. वह पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (KPK) प्रांत का रहने वाला है. 

असद खान शायद गलती से या किसी और वजह से एलओसी पार करके भारत में सिमरी गांव में आ गया था. सेना का कहना है कि वह 'संदिग्ध हालात' में सीमा पार करके आया था, इसलिए उसे रोका गया.

पकड़े जाने के बाद असद खान को छह दिन तक भारत में रखा गया. इस दौरान भारतीय सेना ने उसे जो ट्रीटमेंट दी, उसे लेकर सेना ने खुद बयान जारी किया. सेना ने कहा कि असद खान के साथ 'इज्जत और इंसानियत' से पेश आया गया. सेना के मुताबिक इससे यह जाहिर होता है कि भारतीय सेना हमेशा इंसानी मूल्यों और सही व्यवहार के लिए कमिटेड रहती है.

Advertisement

फिर 18 जून को असद खान को वापस पाकिस्तान भेज दिया गया, यानी उसे पाकिस्तानी सेना के हवाले कर दिया गया. यह हैंडओवर बॉर्डर पर एक क्रॉसिंग पॉइंट पर हुआ. सेना की चिनार कोर ने इस मौके की तस्वीरें भी शेयर कीं. इन तस्वीरों में एक सीनियर भारतीय सेना अफसर पाकिस्तानी सेना के अपने समकक्ष अफसर के साथ हाथ मिलाते हुए दिख रहे हैं.


यह भी पढ़ें: डील गई तेल लेने! शुरू हो गया जंग का पार्ट-2... इजरायली हमले में लेबनान में 18 मौतें

यह हैंडशेक इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि इस वक्त भारत और पाकिस्तान के रिश्ते बहुत तनावपूर्ण चल रहे हैं. ऐसे माहौल में दो देशों की सेनाओं के बीच इतनी सामान्य और सौहार्दपूर्ण मुलाकात कम ही देखने को मिलती है. इसी वजह से यह तस्वीर और यह पूरा वाकया लोगों का ध्यान खींच रहा है.

सेना ने अपने बयान में यह भी कहा कि असद खान की सुरक्षित वापसी यह दिखाती है कि भारतीय सेना अपने मूल्यों, जिम्मेदारी और सबसे ऊंचे मिलिट्री प्रोफेशनलिज्म के स्टैंडर्ड को कितनी गंभीरता से फॉलो करती है.

12 जून को जब असद खान को पकड़ा गया था, उस वक्त भी सेना ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी थी. चिनार कोर ने लिखा था कि खास खुफिया इनपुट के आधार पर, सतर्क चिनार वॉरियर्स ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त ऑपरेशन में कुपवाड़ा के सिमरी गांव के पास एक पाकिस्तानी नागरिक को पकड़ा, जो 12 जून को संदिग्ध हालात में एलओसी पार कर गया था. 

Advertisement

सेना ने यह भी बताया कि चिनार वॉरियर्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस की सतर्क टीम ने तेजी से एक्शन लेकर इस शख्स को रोका और किसी भी सुरक्षा सेंध की आशंका को टाल दिया.

कुल मिलाकर, यह पूरा मामला एक ऐसी घटना है जिसमें एलओसी पार करके आए एक पाकिस्तानी नागरिक को भारतीय सेना ने मानवीय तरीके से ट्रीट किया और फिर सही प्रक्रिया के तहत उसे वापस पाकिस्तान भेज दिया. इस दौरान दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुई एक छोटी सी मुलाकात और हैंडशेक तनाव के माहौल में भी कुछ पल की नरमी और मिलिट्री शिष्टाचार की मिसाल बन गई.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »