दिग्विजय सिंह ने की पीएम मोदी की तारीफ, बोले- भरोसा है कि छात्रों के साथ अन्याय नहीं होगा

NEET विवाद के बीच शिक्षा मंत्रालय से जुड़ी संसदीय समिति की बैठक में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पीएम मोदी पर भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय नहीं होगा और यह मुद्दा राजनीति नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की चिंता से जुड़ा है. बैठक में 21 जून को होने वाली NEET पुनर्परीक्षा की सुरक्षा, छात्रों का भरोसा बहाल करने तथा भविष्य की तैयारी पर चर्चा हुई.

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NEET बैठक: दिग्विजय सिंह बोले- PM मोदी पर भरोसा, नहीं होगा अन्याय. (File photo) NEET बैठक: दिग्विजय सिंह बोले- PM मोदी पर भरोसा, नहीं होगा अन्याय. (File photo)

हिमांशु मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 01 जून 2026,
  • अपडेटेड 6:41 PM IST

NEET विवाद के बीच सोमवार को शिक्षा मंत्रालय की संसदीय समिति की बैठक हुई. इसमें सबसे ज्यादा चर्चा कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयान की रही. समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा देश की व्यवस्था पर पूरा भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि छात्रों के साथ कोई अन्याय नहीं होगा, न ही उनके हितों से कोई समझौता किया जाएगा. उन्होंने साफ किया कि यह विषय राजनीति का नहीं, बल्कि लाखों बच्चों व माता-पिता की चिंता से जुड़ा हुआ है.

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इस अहम बैठक में आगामी 21 जून को होने वाली नीट पुनर्परीक्षा की तैयारियों को लेकर भी विस्तार से बात हुई. इसमें पेपर को पूरी तरह सुरक्षित बनाने तथा छात्रों के मन में दोबारा विश्वास जगाने को लेकर कई जरूरी सुझाव दिए गए.

बैठक में क्यों हुई पीएम मोदी की तारीफ?

बैठक शुरू होने से पहले समिति के सदस्यों के बीच अनौपचारिक बातचीत हुई. इस दौरान सत्तापक्ष के कुछ सांसदों ने सवाल उठाया कि जांच जारी रहने के बीच ऐसी बैठकों की जरूरत क्या है और क्या इस मुद्दे का राजनीतिकरण हो रहा है. इस पर दिग्विजय सिंह ने साफ कहा कि मामला राजनीति का नहीं है. यह लाखों छात्रों तथा अभिभावकों की चिंता से जुड़ा मुद्दा है. 

उन्होंने शिक्षा मंत्रालय और अधिकारियों को 21 जून को होने वाली NEET पुनर्परीक्षा के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं भी दीं. समिति ने यह भी पूछा कि परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित तथा लीक-प्रूफ बनाने के लिए क्या इंतजाम किए जा रहे हैं. अधिकारियों ने समिति को बताया कि पेपर सुरक्षा मजबूत करने के लिए इन-हाउस पेपर सेटर्स, शिक्षकों तथा प्रोफेसरों की मदद ली जा रही है. कोशिश यही है कि इस बार किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न बचे.

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समिति के सदस्यों ने सुझाव दिया कि 21 जून की पुनर्परीक्षा से पहले छात्रों का भरोसा बहाल करना बेहद जरूरी है. कुछ सदस्यों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या शिक्षा मंत्री की ओर से छात्रों के नाम संदेश जारी किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें भरोसा मिले कि वे अकेले नहीं हैं. इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्रालय से भी सहयोग बढ़ाने की बात कही गई, जिससे परीक्षा का संचालन बेहतर तरीके से हो सके. अगले साल के लिए अभी से तैयारी शुरू करने, कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) को मजबूत बनाने तथा परीक्षा से जुड़े स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने का सुझाव भी दिया गया.

समिति में राजनीति नहीं होती, दिग्विजय ने क्यों कहा?

बैठक के बाद जब दिग्विजय सिंह से सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ कहा कि संसदीय स्थायी समिति में किसी भी मुद्दे पर पार्टी लाइन के आधार पर चर्चा नहीं होती. उन्होंने कहा कि हम यहां किसी राजनीतिक दल के सदस्य के तौर पर बात नहीं रखते. समिति में मुद्दों पर गंभीर चर्चा होती है. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि बैठक के अंदर क्या चर्चा हुई, उस पर वह ज्यादा टिप्पणी नहीं करेंगे.

इस दौरान जब दिग्विजय सिंह से पूछा गया कि NEET मामले में प्रधानमंत्री को खुद हस्तक्षेप क्यों करना पड़ा, तो उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर सवाल उठाए. दिग्विजय ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री को खुद दखल देना पड़ा है, तो यह शिक्षा मंत्री की अक्षमता दिखाता है और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए था.

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21 जून को होने वाली NEET परीक्षा पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री ने खुद इसकी जिम्मेदारी ली है, तो उन्हें भरोसा है कि परीक्षा सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से कराई जाएगी. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इसके बाद भी अगर पेपर लीक जैसी घटना होती है, तो फिर कहने के लिए बहुत कुछ नहीं बचेगा.

बैठक में बीजेपी की ओर से रविशंकर प्रसाद, घनश्याम तिवाड़ी, बांसुरी स्वराज तथा संबित पात्रा मौजूद रहे. विपक्ष की तरफ से डीएमके की टी. सुमति, समाजवादी पार्टी के राजीव राय और कांग्रेस के डीन कुरियाकोस शामिल हुए.
 

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