मणिपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई! 5 उग्रवादी गिरफ्तार, हथियार बरामद

मणिपुर में सुरक्षा बलों ने उग्रवाद के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है. अलग-अलग कार्रवाई में पांच उग्रवादी गिरफ्तार किए गए हैं. सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भी बरामद किए हैं.

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मणिपुर में पिछले कुछ सालों में कई बार हिंसात्मक घटनाएं हुई हैं. (File Photo: ITG) मणिपुर में पिछले कुछ सालों में कई बार हिंसात्मक घटनाएं हुई हैं. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 जून 2026,
  • अपडेटेड 12:39 PM IST

मणिपुर में सुरक्षा बलों ने अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई करके पांच उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने गुरुवार को इस बात की जानकारी दी. ये उग्रवादी अलग-अलग प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हुए हैं. सुरक्षा बलों ने इनके पास से भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए हैं. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि एक उग्रवादी को सोमवार को इंफाल ईस्ट जिले के साओम्बुंग खुंजाओ इलाके से गिरफ्तार किया गया है. वहीं, चार अन्य उग्रवादियों को मंगलवार को चंदेल जिले के खांगतुंग गांव के पास से पकड़ा गया. 

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गिरफ्तार उग्रवादियों की पहचान मयांगलंबम गांधी सिंह (24), लांगपोकलाकपम सुशील सिंह (25), लैतोंजम कन्हैया सिंह (26) और कांगजम नरेश मैतेई (20) के रूप में हुई है. पुलिस ने बताया कि सभी से पूछताछ की जा रही है.

इसके अलावा बुधवार को इंफाल पूर्वी जिले के इरिलबुंग इलाके में भी एक तलाशी अभियान चलाया गया. इस दौरान सुरक्षा बलों ने एक झोपड़ी से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए. बरामद सामान में दो AK राइफल, एक SLR राइफल, एक 9 एमएम कार्बाइन, चार हैंड ग्रेनेड, तीन मैगजीन और अलग-अलग बोर के 42 कारतूस शामिल हैं.

क्या है पूरा मामला?

मणिपुर में उग्रवाद की समस्या कई दशकों पुरानी है. 1960 और 1970 के दशक में कुछ संगठनों ने अलग पहचान और राजनीतिक मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया था. बाद में कई उग्रवादी संगठन बने और राज्य के अलग-अलग हिस्सों में उनकी गतिविधियां बढ़ीं. इसी वजह से मणिपुर लंबे वक्त से सुरक्षा चुनौतियों का सामना करता आ रहा है. 

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हाल के वर्षों में भी राज्य में समय-समय पर हिंसा, हथियारों की बरामदगी और उग्रवादियों के खिलाफ अभियान चलते रहे हैं. खासकर मई 2023 में जातीय हिंसा भड़कने के बाद सुरक्षा स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई. इसके बाद केंद्र और राज्य की सुरक्षा एजेंसियों ने तलाशी अभियान, घेराबंदी और उग्रवादियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी. इसी तनाव का फायदा उठाकर कई गैर-कानूनी उग्रवादी संगठन फिर से सक्रिय होने की कोशिश कर रहे हैं. ये संगठन राज्य में शांति भंग करने और हिंसा फैलाने की फिराक में रहते हैं. 

इसी खतरे को देखते हुए भारतीय सेना, असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस लगातार राज्य में सर्च ऑपरेशन चला रही है, जिससे इन उग्रवादियों को पकड़ा जा सके और इनके हथियारों को जब्त किया जा सके.

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