दिग्गजों के विकल्प की तलाश? शिवराज-वसुंधरा को CM फेस नहीं बनाएगी BJP, रमन सिंह का कट सकता है टिकट

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. बीजेपी ने इसके लिए अलग रणनीति बनाई है. तीनों ही राज्यों में बीजेपी सीएम फेस के बिना चुनाव में उतर रही है. ये सीएम शिवराज, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और रमन सिंह के लिए झटके से कम नहीं होगा.

Advertisement
शिवराज, वसुंधरा और रमन सिंह के उत्तराधिकारियों की तलाश में बीजेपी शिवराज, वसुंधरा और रमन सिंह के उत्तराधिकारियों की तलाश में बीजेपी

हिमांशु मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 28 सितंबर 2023,
  • अपडेटेड 7:06 PM IST

पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव का वक्त धीरे-धीरे नजदीक आ रहा है. साल के अंत में तेलंगाना, मिजोरम के साथ-साथ तीन हिंदी पट्टी राज्यों में भी चुनाव होने हैं. इसमें मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ शामिल है.

इन तीन राज्यों के चुनाव में बीजेपी के तीन दिग्गजों के भविष्य पर सवालिया निशान लगे हुए हैं. मौजूदा सीएम शिवराज सिंह चौहान, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और पूर्व सीएम रमन सिंह को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

Advertisement

वसुंधरा राजे दो बार राजस्थान की सीएम रही हैं. वहीं रमन सिंह तीन बार छत्तीसगढ़ के सीएम रहे हैं. लिस्ट के तीसरे नाम यानी शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के मौजूदा सीएम हैं और इससे पहले भी वह तीन बार सीएम की कुर्सी पर बैठ चुके हैं.

लेकिन बीजेपी ने इस बार तीनों राज्यों में सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने का फैसला किया है. मतलब उनकी तरफ से किसी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा नहीं बनाया जाएगा.

रमन सिंह का कट सकता है टिकट

माना जा रहा है कि बीजेपी इन तीनों ही राज्यों में उनके (शिवराज, वसुंधरा और रमन सिंह) उत्तराधिकारियों की तलाश कर रही है. संभावना है कि रमन सिंह को टिकट ही न दिया जाए. बता दें कि रमन सिंह फिलहाल राजनांदगांव से विधायक हैं. छत्तीसगढ़ की 21 सीटों पर बीजेपी उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी है. लेकिन ये सस्पेंस बरकरार है कि पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह चुनाव लड़ेंगे या नहीं.

Advertisement

मध्य प्रदेश-राजस्थान की बात करें तो शिवराज सिंह चौहान और वसुंधरा को सीएम चेहरा प्रोजेक्ट नहीं किया गया. आगे भी इसकी संभावना नहीं है. शिवराज सिंह चौहान और वसुंधरा विधानसभा चुनाव तो लड़ सकते हैं लेकिन सीएम के चेहरे के तौर पर प्रोजेक्ट नहीं होंगे.

मध्य प्रदेश में तीन केंद्रीय मंत्रियों को चुनाव मैदान में उतारकर सीएम का विकल्प खुला रखा गया है. राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी यही फार्मूला अपनाने की बात कही जा रही है. मतलब यहां भी सांसदों और बड़े नेताओं को चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है.

जैसे राजस्थान में जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा का भी नाम विधानसभा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों में हो सकता है.

बीते दिनों जब राजस्थान में बीजेपी ने अपनी चुनावी टीम का ऐलान किया था तो कई सवाल भी उठे थे. इसमें पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उनके समर्थकों को जगह नहीं दी गई थी. इसपर बीजेपी ने कहा था कि वसुंधरा चुनाव प्रचार करेंगी.

MP में कई चौंकाने वाले नाम आए सामने

बता दें कि मध्य प्रदेश चुनाव के लिए बीजेपी ने कुल 230 में से 79 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है. इसमें कई चौंकाने वाले नाम शामिल थे. बीजेपी ने यहां तीन केंद्रीय मंत्रियों समेत 7 सांसदों को टिकट दिया. केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद सिंह पटेल और फग्गन सिंह कुलस्ते को कैंडिडेट बनाया गया है. इसके अलावा, सांसद राकेश सिंह, गणेश सिंह, राव उदय प्रताप सिंह, रीति पाठक को भी टिकट मिला है. संगठन के बड़े चेहरे कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर मध्य प्रदेश की एक्टिव पॉलिटिक्स का हिस्सा होंगे. इन सभी चेहरों को टिकट देकर पार्टी ने बड़ा संदेश दिया है.

Advertisement

वहीं राजस्थान में उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा जारी है. गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इसके लिए जयपुर में मीटिंग भी की थी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »