'लखीमपुर खीरी में मजाक बनकर रह गई है जांच प्रक्रिया', योगेंद्र यादव ने उठाए सवाल

योगेंद्र यादव ने कहा कि लखीमपुर खीरी में जांच प्रक्रिया मजाक बनकर रह गई है. इस पूरे मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा से पूछताछ शुरू करने में 7 दिन लगा दिए गए.

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योगेंद्र यादव (फाइल फोटो) योगेंद्र यादव (फाइल फोटो)

देव अंकुर

  • जयपुर,
  • 31 अक्टूबर 2021,
  • अपडेटेड 6:25 PM IST
  • योगेंद्र यादव बोले- अजय मिश्रा ने दिया था भड़काऊ भाषण
  • स्वराज अभियान के योगेंद्र यादव ने कांग्रेस पर भी साधा निशाना

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में 3 अक्टूबर को भड़की हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी. किसानों को रौंदने के मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा मुख्य आरोपी हैं. मामले की जांच चल रही है. लखीमपुर खीरी मामले की जारी जांच को लेकर स्वराज अभियान के नेता और किसानों के मसले पर अपना पक्ष रखने वाले योगेंद्र यादव ने सवाल उठाए हैं.

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राजस्थान के जयपुर में रविवार को आजतक से बात करते हुए योगेंद्र यादव ने कहा कि लखीमपुर खीरी में जांच प्रक्रिया मजाक बनकर रह गई है. इस पूरे मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा से पूछताछ शुरू करने में 7 दिन लगा दिए गए. अब भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है. उन्होंने अजय मिश्रा टेनी के गृह राज्यमंत्री पद से इस्तीफे की मांग को लेकर कहा कि ऐसा इसलिए नहीं किया जा रहा है क्योंकि वे आरोपी के पिता है.

योगेंद्र यादव ने कहा कि हम उनके इस्तीफे की मांग इस वजह से कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या की घटना से पहले भड़काऊ भाषण दिए थे. उन्होंने कहा था कि आप लोग जानते हैं कि मैं पहले कौन था. साफ तौर पर इशारा तब के समय का था जब वह एक दबंग हुआ करते थे. उन्होंने कहा कि अजय मिश्रा टेनी के खिलाफ हत्या का मामला भी दर्ज था. किसानों को अंगूठा भी दिखाया था.

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योगेंद्र यादव ने संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से एक महीने के लिए निलंबित किए जाने को लेकर कहा कि ये मेरी संस्कृति है कि अगर किसी के घर में शोक हो तो वहां संवेदना प्रकट करने जाऊं. इसीलिए मैं बीजेपी कार्यकर्ता के घर गया क्योंकि हमें शोक में भेदभाव नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि मुझे अन्य किसान नेताओं से इस बारे में बात कर लेनी चाहिए था पर मैं वहां निजी तौर पर गया था. मुझे एक महीने के लिए सस्पेंड करने की बात कही गई है और वह मेरे सिर माथे पर है.

स्वराज अभियान के नेता ने राजस्थान की अशोक गहलोत की सरकार पर निशाना साधते हुए योगेंद्र यादव ने कहा कि कांग्रेस जब भी बीजेपी शासित राज्यों में किसानों की बात होती है तो प्रखर तरीके से अपनी बात रखती है. राजस्थान के किसान जब बाजरे को लेकर न्यूनतम समर्थन मूल्य या एमएसपी की मांग करते हैं तब यहां कि सरकार उस पर ध्यान नहीं देती. राजस्थान में किसानों को बाजरे का जितना एमएसपी मिलना चाहिए उससे प्रति कुंतल 800 रुपये कम मिल रहा है. राजस्थान में किसानों से 3200 करोड़ रुपये की लूट हुई है. उन्होंने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से बात भी की थी पर राजस्थान सरकार इस तरफ ध्यान नहीं दे रही है.

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