केरल यूनिवर्सिटी के चुनाव नतीजों के बाद बवाल, छात्र गुटों में जमकर चले लाठी-डंडे

केरल यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव नतीजों के बाद छात्र संगठनों में हिंसक झड़प हो गई. हालात काबू करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया. एसएफआई ने आरोप लगाया कि विजय जुलूस के दौरान उसके कार्यकर्ताओं पर पथराव हुआ.

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केरल यूनिवर्सिटी में एसएफआई ने विपक्षी छात्र संगठनों का लगभग सूपड़ा साफ कर दिया है. (File Photo- ITG) केरल यूनिवर्सिटी में एसएफआई ने विपक्षी छात्र संगठनों का लगभग सूपड़ा साफ कर दिया है. (File Photo- ITG)

शिबिमोल

  • तिरुवनंतपुरम,
  • 26 मई 2026,
  • अपडेटेड 1:11 AM IST

केरल यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद सोमवार देर शाम राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम की सड़कें रणक्षेत्र में तब्दील हो गईं. चुनाव नतीजों के बाद उपजे राजनीतिक तनाव ने उस समय हिंसक रूप ले लिया, जब CPI-M के छात्र संगठन 'स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया' (SFI) और कांग्रेस के छात्र विंग 'केरल स्टूडेंट्स यूनियन' (KSU) के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए. इस दौरान दोनों गुटों के बीच जमकर पथराव और मारपीट हुई.

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दरअसल, एसएफआई ने विपक्षी छात्र संगठनों का लगभग सूपड़ा साफ कर दिया है. केरल यूनिवर्सिटी संघ चुनाव की कुल 37 जनरल सीटों में से एसएफआई ने एकतरफा प्रदर्शन करते हुए 35 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. वहीं, मुख्य प्रतिद्वंद्वी मानी जा रही कांग्रेस की केएसयू महज 2 सीटों पर सिमट कर रह गई.

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, झड़प की शुरुआत उस समय हुई जब चुनाव में बंपर जीत हासिल करने के बाद एसएफआई के कार्यकर्ता विक्ट्री परेड निकाल रहे थे. एसएफआई का आरोप है कि जब उनका शांतिपूर्ण जुलूस आगे बढ़ रहा था, तभी विरोधी गुट केएसयू के कार्यकर्ताओं ने उन पर घात लगाकर पथराव शुरू कर दिया. देखते ही देखते दोनों पक्षों के सैकड़ों छात्र लाठी-डंडों और पत्थरों के साथ आमने-सामने आ गए, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया.

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रणक्षेत्र बनीं सड़कें, पुलिस पर भी हमला

घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा, लेकिन उग्र छात्रों की पुलिस से भी झड़प हो गई. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े. एसएफआई के नेतृत्व ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. संगठन का दावा है कि स्थिति को संभालने के बजाय पुलिस ने उनके कार्यकर्ताओं को ही निशाना बनाया और उन पर बर्बर लाठीचार्ज किया, जिससे उनके कई सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए. फिलहाल यूनिवर्सिटी परिसर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है और तनावपूर्ण शांति बनी हुई है.

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