JEE Main: बारिश की वजह से छूटा टेस्ट तो महाराष्ट्र के छात्रों को मिलेगा एक और मौका

ट्वीट करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा है कि महाराष्ट्र में भारी बारिश और लैंडस्लाइड देखते हुए, मैंने NTA को सलाह दी है कि उन छात्रों को परीक्षा देने का एक और मौका मिले जो बारिश की वजह से एग्जाम सेंटर नहीं पहुंच पाएंगे.

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JEE: बारिश की वजह से सेंटर नहीं पहुंचे, मिलेगा टेस्ट देने का एक और मौका JEE: बारिश की वजह से सेंटर नहीं पहुंचे, मिलेगा टेस्ट देने का एक और मौका

अमनदीप शुक्ला

  • नई दिल्ली,
  • 24 जुलाई 2021,
  • अपडेटेड 10:35 PM IST
  • महाराष्ट्र के छात्रों को बड़ी राहत
  • बारिश की वजह से सेंटर नहीं पहुंचे, मिलेगा टेस्ट देने का एक और मौका

महाराष्ट्र में जारी बारिश की वजह से भारी तबाही देखने को मिली है. कई इलाकों में जलभराव की स्थिति है और सड़कों पर आवाजाही भी रुक गई है. परिस्थिति को समझते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ऐलान किया है कि महाराष्ट्र के छात्रों को JEE (Main)-2021 के सेशन 3 टेस्ट के लिए एक और मौका मिल सकता है. अगर वे बारिश के चलते अपने सेंटर पर नहीं पहुंच पाते हैं तो उन्हें दोबारा टेस्ट देने का अवसर मिलेगा.

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महाराष्ट्र के छात्रों को बड़ी राहत

ट्वीट करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा है कि महाराष्ट्र में भारी बारिश और लैंडस्लाइड देखते हुए, मैंने NTA को सलाह दी है कि उन छात्रों को परीक्षा देने का एक और मौका मिले जो बारिश की वजह से एग्जाम सेंटर नहीं पहुंच पाएंगे. शिक्षा मंत्री के मुताबिक महाराष्ट्र के कोल्हापुर, पालघर, रतनागिरी, रायगढ़, सिंधुदुर्ग, सांगली और सतारा में बारिश से स्थिति काफी खराब है, ऐसे में यहां के छात्रों को ये रियायत दी जाएगी.

जानकारी के लिए बता दें कि 25 और 27 जुलाई को JEE (Main)-2021 के सेशन 3 वाले एग्जाम होने हैं. लेकिन महाराष्ट्र में जारी बारिश ने वहां के छात्रों की चिंता बढ़ा दी है. जैसी स्थिति है उसे देखते हुए उन छात्रों का एग्जाम सेंटर तक पहुंचना बड़ी चुनौती है. इसी वजह से अब धर्मेंद्र प्रधान ने उन छात्रों के लिए ये सहूलियत की है. जोर देकर कहा गया है कि अगर बारिश की वजह से एग्जाम सेंटर नहीं पहुंच पाएंगे, तो एक और मौका दिया जाएगा. वहीं हर लेटेस्ट अपडेट के लिए छात्रों से NTA की वेबसाइट पर जाने को कहा गया है.

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इंजीनियरिंग की हुईं चार परीक्षाएं

वैसे इस साल क्योंकि कोरोना की वजह से छात्रों के करियर पर काफी असर पड़ा है, ऐसे में इंजीनियरिंग की परीक्षा भी चार बार की गई हैं. पिछले साल जहां सिर्फ दो परीक्षाएं आयोजित हुई थीं, इस साल वो आंकड़ा डबल कर दिया गया है. ऐसा कर छात्रों को कोरोना काल में अपना सपना पूरा करने का एक और मौका दिया गया था.

 

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