कैलाश विजयवर्गीय के मंच पर डायलॉग- 'हमसे लड़ने की हिम्मत तो जुटा लोगे लेकिन कमीनापन कहां से लाओगे'; कांग्रेस ने कसा तंज

MP News: कैलाश विजयवर्गीय की एक सभा में फिल्म 'चाइना गेट' में 'जगीरा' का फेमस किरदार निभाने वाले एक्टर मुकेश तिवारी ने फेमस डायलॉग बोला. इसको लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और मध्य प्रदेश कांग्रेस के मीडिया सलाहकार पीयूष बबेले ने 'X' पर वीडियो शेयर करते हुए तंज कसा.  इसी पर बीजेपी भड़क गई.

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कैलाश विजयवर्गीय की सभा में एक्टर मुकेश तिवारी. कैलाश विजयवर्गीय की सभा में एक्टर मुकेश तिवारी.

aajtak.in

  • इंदौर ,
  • 15 नवंबर 2023,
  • अपडेटेड 2:50 PM IST

इंदौर-1 विधानसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर सुर्खियों में हैं. मंगलवार रात चुनाव प्रचार के दौरान एक्टर मुकेश तिवारी के बोले एक फिल्मी डायलॉग पर यह बखेड़ा खड़ा हो गया. 

दरअसल, कैलाश विजयवर्गीय की एक सभा में फिल्म 'चाइना गेट' में 'जगीरा' का फेमस किरदार निभाने वाले एक्टर मुकेश तिवारी ने फेमस डायलॉग बोला. इसको लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और मध्य प्रदेश कांग्रेस के मीडिया सलाहकार पीयूष बबेले ने 'X' पर वीडियो शेयर करते हुए तंज कसा.  

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पीयूष बबेले ने लिखा, ''भाजपा के मंच से हुई घोषणा: हमसे लड़ने की हिम्मत तो जुटा लोगे लेकिन कमीनापन कहां से लाओगे. ये गुण भाजपा को ही मुबारक हों, एमपी को इन गुणों की ज़रूरत नहीं है.''

इस पर एमपी बीजेपी ने पलटवार किया. पार्टी प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने बबेले को रिप्लाई देते हुए लिखा, ''यह फ़िल्म चाइना गेट का चर्चित डायलॉग है. फ़िल्म कलाकार मुकेश तिवारी मध्यप्रदेश के सागर ज़िले से आते हैं. वो जहां भी जाते हैं फ़िल्म में बने "जगीरा डाकू" द्वारा बोले गये इस डायलॉग को बोलने की पब्लिक उनसे डिमांड करती है.

कांग्रेस की उस डायलॉग पर की गई टिप्पणी बेहद बचकाना है. फ़िल्मी डायलॉग को भी अब वो राजनीति का विषय बना रहे हैं. एक तरफ़ तो उनके प्रभारी सुरजेवाला अपने नेताओ को शोले फ़िल्म के जय-वीरू बताते हैं, दूसरी तरफ़ कांग्रेस की यह टिप्पणी उनकी घटिया सोच को दर्शाती है. कई फ़िल्मी कलाकार जब किसी कार्यक्रम में जाते हैं तो जनता उनसे उनकी फ़िल्मो के चर्चित डायलॉग सुनाने की डिमांड करती है. प्रसिद्ध कलाकार धर्मेंद्र से उनका चर्चित डायलॉग "कुत्ते-कमीने तेरा खून पी जाऊंगा" की आज भी डिमांड होती है. अब कांग्रेस क्या उसमें भी राजनीति खोजेगी...''

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उल्लेखनीय है कि 'कांग्रेस को न मिले एक भी वोट, तो BJP बूथ अध्यक्ष को 51 हजार दूंगा' और 'मैं टिकट मिलने से खुश नहीं हूं', 'मैं  अपनी विधानसभा में पहुंचे बिना ही 50 हजार वोट से जीत जाऊंगा' जैसे बयानों से कैलाश विजयवर्गीय पहले से सुर्खियों में बने हैं. 

बता दें कि कैलाश विजयवर्गीय ने 1990 से 2013 के बीच इंदौर जिले की अलग अलग सीटों से लगातार छह विधानसभा चुनाव जीते. साल 2013 के चुनाव में उन्होंने महू सीट से कांग्रेस के अंतर सिंह दरबार को 12,216 वोटों के अंतर से हराया था. अब 10 साल बाद फिर कैलाश चुनावी मैदान में ताल ठोकने उतरे हैं. 

मध्य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा के लिए 21 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक पर्चा भरे जा चुके हैं. फॉर्म वापसी 2 नवंबर तक हो गई. मतदान 17 नवंबर को होगा और मतगणना 3 दिसंबर को होगी.    

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