तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दफ्तर में हुई 'इंडिया' गठबंधन की मीटिंग में इस प्रस्ताव को स्वीकार किया गया है. विपक्ष ने अब तक 100 से ज्यादा सांसदों के हस्ताक्षर इकट्ठा कर लिए हैं.
टीएमसी इस हफ्ते ही प्रस्ताव पेश करना चाहती है, जिससे बजट सत्र के बचे हुए 14 दिनों में इस पर चर्चा हो सके. आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी ने भी इस मुहिम को अपना समर्थन दिया है.
यह कदम लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के बाद उठाया जाएगा.
विपक्षी दलों की एकजुटता
टीएमसी सूत्रों के मुताबिक, ज्ञानेश कुमार को हटाने की इस योजना की रूपरेखा ममता बनर्जी ने तैयार की है, जबकि अभिषेक बनर्जी दिल्ली के घटनाक्रमों पर नजर रख रहे हैं. कांग्रेस और AAP सहित अन्य दलों से अलग से विचार-विमर्श कर हस्ताक्षर लिए गए हैं. विपक्ष का इरादा इस संवैधानिक प्रक्रिया को इसी सत्र में अंजाम देने का है.
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हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का प्रावधान सुप्रीम कोर्ट के जज पर चलने वाले महाभियोग के समान है. टीएमसी ने ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने के बदले इस महाभियोग प्रस्ताव के लिए अन्य दलों का सहयोग मांगा था. अब पूरा गठबंधन ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग पर केंद्रित है.
अमित भारद्वाज