बारिश-बाढ़ से हिमाचल-उत्तराखंड में भारी तबाही, लैंडस्लाइड से सड़कें टूटीं, कई जगह जाम

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में सोमवार से ही आसमान से तबाही बरस रही है. बादल फटने से आए फ्लैश फ्लड को करीब 72 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन बर्बादी और तबाही की कहानियां अभी भी सामने आ रही हैं.

Advertisement
बारिश के बाद धर्मशाला की एक सड़क का हाल (PTI) बारिश के बाद धर्मशाला की एक सड़क का हाल (PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 जुलाई 2021,
  • अपडेटेड 3:19 PM IST
  • पहाड़ी इलाकों में जोरदार बारिश से हाल-बेहाल
  • कई हाइवे ठप, लिंक रोड भी बंद हुईं
  • जगह-जगह जाम, कई गांवों में तबाही

पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही बारिश (Heavy Rain) और बादल फटने (Cloud Burst) की घटनाओं के कारण ज़बरदस्त तबाही हो रही है. सबसे ज्यादा प्रभावित हिमाचल प्रदेश औऱ उत्तराखंड के इलाके हैं, जहां पर कई जगह पर लैंडस्लाइड (Landslide) हुआ है. इसकी वजह से जगह-जगह लंबा जाम लगा है और यहां पर आए टूरिस्ट फंस गए हैं. 

बता दें कि हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में सोमवार से ही आसमान से तबाही बरस रही है. बादल फटने से आए फ्लैश फ्लड को करीब 72 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन बर्बादी और तबाही की कहानियां अभी भी सामने आ रही हैं. धर्मशाला (Dharmshala) के पास बोह गांव में मलबे की चपेट में कुछ घर आ गए थे, यहां रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. 

Advertisement

क्लिक करें: द्वारिकाधीश मंदिर पर गिरी आकाशीय बिजली, श्रद्धालु बोले- आंखों से देखा चमत्कार

यहां से अब तक छह शव निकाले जा चुके हैं. धर्मशाला के पास गज्ज खड्ड में पानी किसी बड़ी नदी की तरह बह रहा है, पानी में उफान ऐसा कि जो सामने आए बह जाए. यहां धर्मशाला के गग्गल एयरपोर्ट के पास से गुजरने वाला मंडी-पठानकोट हाईवे (Mandi-Pathankot Highway) की तस्वीर भी कुछ ऐसी ही है. यहां मेन हाईवे के अलावा अन्य करीब 184 से अधिक लिंक रोड भी लैंडस्लाइड के कारण बंद हो गई हैं. 

फ्लैश फ्लड से गज्ज खड्ड में आए उफान ने हाईवे पर भारी तबाही मचाई है. हाईवे का बड़ा हिस्सा कट चुका है, सड़कों पर पानी है. लोग बेबसी में बर्बादी का मंजर देख रहे हैं. सड़क कटने और फ्लैश फ्लड का मलबा आने से हाईवे पर लंबा जाम लगा हुआ है. 

Advertisement

कांगड़ा में बचाए गए पांच लोग

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा (Kangra) जिले में भारी बारिश के बाद आए सैलाब के कारण फंसे पांच ग्रामीणों को बचा लिया गया है. एक सुदूरवर्ती गांव में अचानक आई बाढ़ के कारण हुए भीषण भूस्खलन से कई घर और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं और एक व्यक्ति की मौत हो गई, नौ लोग अब भी लापता हैं.

राहत-बचाव करने वाली एजेंसियों को शंका है कि लापता नौ लोग या तो शाहपुर अनुमंडल के बोह पंचायत के सबसे बुरी तरह प्रभावित रूलहर गांव के एक बड़े इलाके में फैले कीचड़ के ढेर में फंसे हो सकते हैं या फिर वह बाढ़ के पानी में बह गए होंगे.

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कांगड़ा जिले की बोह घाटी में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और बाद में प्रभावित परिवारों से मुलाकात की. उन्होंने हुए नुकसान का जायजा लिया और क्षेत्र के प्रभावित परिवारों से मुलाकात की. उन्होंने जिला प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्वास कार्य युद्ध स्तर पर शुरू करने के निर्देश दिए.

आपको बता दें कि यहां के मौसम ब्यूरो ने अगले 24 घंटों में कांगड़ा, हमीरपुर, मंडी, बिलासपुर, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है, इसके बाद बारिश की तीव्रता कम हो सकती है.

Advertisement

(एजेंसी के इनपुट की मदद से) 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »