बाढ़ में डूबीं कॉलोनियां, रिहायशी इलाके बने दरिया...97 हजार लोग प्रभावित, अरुणाचल में बारिश का जानलेवा कहर

अरुणाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण कुमेय नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. जिससे सीमावर्ती शहर पारसी-पारलो सर्कल जलमग्न है. लगातार बारिश के कारण स्कूलों,दफ्तरों और घरों में पानी भर गया है. इलाके की कई कॉलोनियों और गांवों की सड़कें पूरी तरह जलमग्न हैं. भूस्खलन और कटाव ने सड़कों को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया है.

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floods and landslides triggered Arunachal Pradesh (Photo- PTI) floods and landslides triggered Arunachal Pradesh (Photo- PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 3:10 PM IST

भारी बारिश ने अरुणाचल प्रदेश के कई जिलों में फिर से तबाही मचा दी है. ताजा बाढ़ और भूस्खलन से सड़कें बंद हो गई हैं, पुल बह गए हैं और कई इलाकों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है. राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) ने सोमवार को जानकारी दी कि बाढ़ में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 29 लोग घायल हुए हैं. राज्य के 26 जिलों के 425 गांवों में बाढ़ से कुल 97,182 लोग प्रभावित हुए हैं. साथ ही कृषि और सार्वजनिक संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचा है.

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कुरुंग कुमेय जिले में भारी तबाही
कुमेय नदी के ऊपरी इलाकों में सोमवार सुबह भारी बारिश से अचानक बाढ़ आ गई. इससे पारसी-पारलो सर्कल और दामिन सबडिवीजन सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. दामिन में हुरी-दामिन को जोड़ने वाला पुल पूरी तरह बह गया है,जिससे सड़क संपर्क कट गया है.

पारसी-पारलो में दो मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हुए हैं. वहीं, चर्च को भी नुकसान हुआ है. इसके अलावा पागम गांव को जोड़ने वाला एक पुल भी बह गया. इलाके का प्रसिद्ध सेंट थॉमस स्कूल पूरी तरह पानी में डूब गया है. इसके अलावा पक्के केसांग जिले में भारी भूस्खलन से नेशनल हाईवे-13 पर पाकरो गांव के पास सड़क बंद हो गई. प्रशासन ने बताया कि इसे ठीक करने में 2 से 3 दिन लग सकते हैं. 

कितना नुकसान हुआ?
भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन की वजह से प्रभावित क्षेत्रों में कुल 541.75 हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई है. करीब 1,010 हेक्टेयर जंगल भी प्रभावित हुए हैं. सैकड़ों घरों को भी नुकसान पहुंचा है. वहीं, 150 सड़कें, 19 पुल, 221 पानी की व्यवस्थाएं, 58 सरकारी भवन, 156 बिजली लाइनें, 224 बिजली के खंभे, 10 जल विद्युत परियोजनाएं, 2 अस्पताल और 3 स्कूल क्षतिग्रस्त हुए हैं.

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जिला प्रशासन पैरामिलिट्री फोर्स, पुलिस और अन्य विभागों के साथ मिलकर नुकसान का जायजा ले रहा है और राहत कार्य चला रहा है.लोगों से भारी बारिश वाले इलाकों में सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई. इस बीच मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक बारिश से राहत नहीं मिलने की संभावना जताई है.

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