जापान के पूर्व मंत्री ने भारतीय अधिकारियों पर लगाया बुलेट ट्रेन परियोजना में देरी का आरोप, भारत ने किया खारिज

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर जापान के पूर्व न्याय मंत्री हिदेकी माकिहारा ने भारतीय पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि परियोजना में देरी की सबसे बड़ी वजह भारतीय अधिकारियों और तत्कालीन मंत्री का रवैया रहा. हालांकि, भारत सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि जापान के साथ परियोजना पर बातचीत सकारात्मक ढंग से आगे बढ़ रही है और निर्माण कार्य तय समय के अनुसार तेजी से जारी है.

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जापान के पूर्व न्याय मंत्री ने बुलेट ट्रेन परियोजना में देरी के लिए भारतीय पक्ष को जिम्मेदार ठहराया है. (Photo: X/@NHSRCL) जापान के पूर्व न्याय मंत्री ने बुलेट ट्रेन परियोजना में देरी के लिए भारतीय पक्ष को जिम्मेदार ठहराया है. (Photo: X/@NHSRCL)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:02 PM IST

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में कथित देरी को लेकर जापान के पूर्व न्याय मंत्री हिदेकी माकिहारा के आरोपों को भारत सरकार ने खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को कहा कि यह पूर्व जापानी मंत्री की व्यक्तिगत राय है, जो तथ्यों से मेल नहीं खाती. विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत और जापान के बीच हाई-स्पीड रेल परियोजना को लेकर बातचीत सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ रही है और निर्माण कार्य भी तेज गति से जारी है.

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'हमने वह पोस्ट देखी है. यह एक व्यक्ति की राय है और तथ्य इससे बिल्कुल अलग हैं. अहमदाबाद-मुंबई हाई-स्पीड रेल परियोजना पर भारत और जापान के बीच बातचीत अच्छी तरह आगे बढ़ रही है.' उन्होंने बताया कि जापान की ओर से E20 सीरीज की बुलेट ट्रेनें 2030 के शुरुआती वर्षों में उपलब्ध कराई जाएंगी. फिलहाल यह ट्रेन अभी विकास के चरण में है. ऐसे में दोनों देशों ने इस बात पर सहमति बनाई है कि परियोजना की शुरुआत भारतीय हाई-स्पीड ट्रेन के साथ की जाएगी.

सिग्नलिंग सिस्टम पर भी दिया जवाब

रणधीर जायसवाल ने कहा कि बुलेट ट्रेल परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी आई है और परियोजना का पहला चरण 2027 में ही शुरू कर दिया जाएगा. पूर्व जापानी मंत्री हिदेकी माकिहारा ने यह भी आरोप लगाया था कि बुलेट ट्रेन परियोजना के सिग्नलिंग सिस्टम से जापान को बाहर कर दिया गया है. इस पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि सिग्नलिंग इक्विपमेंट्स का ऑर्डर इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स के हिसाब से दिया गया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'इस संबंध में जापान की ओर से कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ था. परियोजना का उद्देश्य दोनों देशों की साझा सहमति के अनुसार जल्द से जल्द हाई-स्पीड रेल सेवा शुरू करना है.'

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क्या थे पूर्व जापानी मंत्री के आरोप?

जापान के पूर्व न्याय मंत्री हिदेकी माकिहारा ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर दावा किया था कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में देरी के लिए भारतीय अधिकारी जिम्मेदार हैं. उन्होंने आरोप लगाया था कि भारतीय अधिकारियों ने बातचीत के दौरान कई बार अपने वादे नहीं निभाए और केवल अपने हितों को प्राथमिकता दी. उन्होंने यहां तक कहा था कि परियोजना आगे नहीं बढ़ने की '100 प्रतिशत जिम्मेदारी भारतीय पक्ष' की है.

भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना है. 508 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर महाराष्ट्र और गुजरात को हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ेगा. परियोजना में जापान की शिंकानसेन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है और इसके लिए जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) रियायती दरों पर वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है. बुलेट ट्रेन मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) से शुरू होकर ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलीमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आणंद, अहमदाबाद और साबरमती जैसे स्टेशनों से होकर गुजरेगी. यह ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी. मुंबई से अहमदाबाद का सफर करीब 2 घंटे 7 मिनट में पूरा किया जा सकेगा. 

2027 में शुरू हो सकती है बुलेट ट्रेन

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योजना के मुताबिक, परियोजना के पहले चरण में सूरत-बिलीमोरा सेक्शन पर 15 अगस्त 2027 से चरणबद्ध तरीके से यात्री सेवाएं शुरू की जा सकती हैं. इसके बाद बाकी हिस्सों को भी चरणबद्ध तरीके से चालू किया जाएगा. भूमि अधिग्रहण और राजनीतिक कारणों से शुरुआती वर्षों में परियोजना की रफ्तार धीमी रही थी, लेकिन अब पुलों, सुरंगों और स्टेशनों का निर्माण तेज गति से चल रहा है.

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