जम्मू-कश्मीर के पूर्व CM​​​​​​​ फारूक अब्दुल्ला को ED का समन, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आज पूछताछ के लिए बुलाया

जम्मू-कश्मीर के पूर्व CM रहे फारूक अब्दुल्ला को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को समन भेजा है. उन्हें 11 जनवरी, गुरुवार को को जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया है. ED ने 2022 में इस मामले में आरोप पत्र दाखिल किया था.

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जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला (फाइल फोटो) जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 12:09 AM IST

ईडी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को पूछताछ के लिए बुलाया है. फारुक अब्दुल्ला के ये समन मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में भेजा गया है.  अब्दुल्ला को गुरुवार को ही पेश होना है, जहां उनसे धन शोधन मामले में पूछताछ होगी. 

बुधवार को भेजा समन
जानकारी के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के पूर्व CM रहे फारूक अब्दुल्ला को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को समन भेजा है. उन्हें 11 जनवरी, गुरुवार को को जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया है. ED ने 2022 में इस मामले में आरोप पत्र दाखिल किया था. 

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साल 2022 में ईडी ने दाखिल की थी चार्जशीट
बता दें कि, क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) से जुड़े घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ साल 2022 में चार्जशीट दाखिल की थी. इस चार्जशीट में अब्दुल्ला के साथ-साथ JKCA के तब के अधिकारी अहसान अहमद मिर्जा, मीर मंजूर गजानफर आदि को आरोपी बनाया गया था. ईडी ने यह चार्जशीट जम्मू कश्मीर की एक कोर्ट के समक्ष पेश की थी. इसमें अब्दुल्ला समेत बाकी लोगों पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे थे. 

ये है मामला
बता दें कि यह घोटाला जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) से जुड़ा है. इस मामले में ईडी पहले भी एक्शन ले चुकी है. तब 21.55 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति को अटैच किया गया था. इसमें फारूक अब्दुल्ला, अहसान अहमद मिर्जा, मीर मंजूर आदि की संपत्ति शामिल थी.

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ईडी ने कहा था कि जांच में पाया गया है कि JKCA बैंक अकाउंट से बिना किसी कारण कैश निकासी हुई. इसके साथ-साथ JKCA का पैसा कई निजी खातों में ट्रांसफर हुआ, जिसमें JKCA के कुछ अधिकारियों के खाते भी शामिल थे. 

ईडी ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी. इसके लिए सीबीआई द्वारा दर्ज FIR को आधार बनाया गया था. सीबीआई ने यह FIR जुलाई 2018 में दर्ज की थी. इसमें आरोप था कि JKCA को गलत ढंग से नुकसान दिखाया गया, वहीं आरोपियों को गलत तरीके से 43.69 करोड़ रुपये का फायदा हुआ.

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