दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई. सामने आया है कि हादसे में 15 गंभीर घायल लोग ICU में हैं. इस हादसे में 10 पुलिस कर्मी भी घायल हुए हैं. इस हादसे को लेकर डिप्टी चीफ फायर ऑफिसर एके मलिक ने बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि इस होटल को NoC नहीं मिला था और इसमें फायर सेफ्टी को लेकर काफी लापरवाही बरती गई हैं. उन्होंने आजतक से बातचीत में कहा कि सिर्फ यहीं नहीं बल्कि इलाके के बहुत से होटलों के पास फायर सेफ्टी का नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट नहीं है.
खिड़कियां पूरी तरह पैक, कोई वेंटिलेशन भी नहीं... होटल में थी सुरक्षा खामियां
एके मलिक ने बताया कि इस होटल को NoC नहीं थी, क्योंकि बिल्डिंग ऐसी बनी थी कि NoC नहीं मिल सकती. आस पास जितने होटल हैं किसी को फायर की NOC नहीं है. क्योंकि यह होटल बिल्कुल 'पैक' है. इसमें प्रॉपर वेंटिलेशन नहीं है. एंट्री-एग्जिट के अलग-अलग रास्ते नहीं हैं. फायर सेफ्टी के तहत कई उपाय किए जाते हैं जो पूरे नहीं हैं. यानी आग लगने पर यहां बड़ा हादसा होना तय था और यही हुआ.
धुआं फैलते ही लोगों ने तोड़ी खिड़कियां
यही बात होटल अग्निकांड में चश्मदीद अंजुम ने भी बताई है. उनके मुताबिक होटल में एंट्री और एग्जिट के लिए एक ही गेट था, जबकि आग बेसमेंट/ग्राउंड फ्लोर की तरफ से शुरू हुई. धुआं फैलते ही अंदर फंसे लोगों ने जान बचाने के लिए खिड़कियां तोड़ीं और ऊपर की मंजिलों से कूदना शुरू कर दिया.
हादसे में 21 लोगों की मौत और करीब 40 लोगों के घायल होने की बात सामने आई है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि होटल में कोई इमरजेंसी एग्जिट नहीं था, सुरक्षा इंतजाम नाकाफी थे और एक फ्लोर पर तय क्षमता से ज्यादा कमरे बनाए गए थे.
अरविंद ओझा