जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और सोमवार को संसद तक हुए मार्च के बीच CJP के प्रतिनिधियों से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की थी. सरकार के सूत्रों के अनुसार CJP के प्रतिनिधियों और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के बीच दो बार मुलाकात हुई.
पहली मुलाकात में क्या हुई थी बात?
पहली मुलाकात सुबह करीब 11 बजकर 50 मिनट पर हुई. तब जेपी नड्डा ने उनसे बात की और पूछा कि आपकी मांग क्या है? तब CJP के प्रतिनिधियों ने मांगों की लिस्ट बताई. जेपी नड्डा ने कहा कि आप लिखित में मांग नहीं लाए? अपनी मांग लिखित में दिजिए.
शाम चार बजे दिया लिखित ज्ञापन
इसके बाद दोनों प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को 4 बजे मांगों का लिखित ज्ञापन दिया. बैठक में जेपी नड्डा की तरफ से CJP की तीनों मांगों या इनमें से किसी भी मांग पर कोई आश्वासन नहीं दिया गया. हालांकि जेपी नड्डा ने बैठक में अनुरोध किया कि वे अपने धरने को समाप्त करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की मदद करें.
ज्ञापन में CJP ने रखी तीन प्रमुख मांगें
ज्ञापन में पार्टी ने तीन प्रमुख मांगें रखीं हैं. सीजेपी ने पहली मांग के तौर पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल से तत्काल रिहा करने की मांग की है.
दूसरी मांग में पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग उठाई. वहीं तीसरी मांग के तहत नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की गई है.
पार्टी का कहना है कि पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और इस मामले में सरकार को जवाबदेही तय करते हुए जरूरी कदम उठाने चाहिए.
सोशल मीडिया एक्स पर दी मीटिंग की जानकारी
यह ज्ञापन सरकार के प्रतिनिधियों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई बैठक के बाद सौंपा गया. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि बातचीत का प्रस्ताव प्रदर्शनकारियों की ओर से आया था और सुबह 11:50 बजे से चर्चा जारी थी. नड्डा ने कहा, 'बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई.
दिनभर प्रदर्शन पर रही सरकार की निगाह
सरकार की नजर दिनभर प्रदर्शन पर रही. खुद गृहमंत्री अमित शाह लगातार मॉनिटर कर रहे थे और अफसरों के संपर्क में थे. पुलिस/पैरामीलिटरी को फोर्स का इस्तेमाल न करने या जरूरी हो तो कम से कम फोर्स का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया था. सरकार के मुताबिक़ अब तक आयोजित तीन प्रमुख परीक्षाओं NEET, JEE और सीयूईटी CUET में लगभग 50 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हो चुके हैं. इनमें से करीब 10 लाख छात्रों ने साझा परीक्षा में हिस्सा लिया होगा, जबकि 40 लाख से अधिक छात्र देशभर में आयोजित विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल हुए हैं.
सरकार का मानना, वास्तविक अभ्यर्थी प्रदर्शन में शामिल नहीं
ऐसे में कई मामलों में काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है. सरकार के आकलन के अनुसार, वास्तविक अभ्यर्थियों का ध्यान इस समय प्रवेश और काउंसलिंग पर केंद्रित है, इसलिए उनके इन विरोध प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में शामिल होने की आशंका अपेक्षाकृत कम मानी जा रही है.
सरकार के सूत्र का ये भी कहना है कि अगर नीट की परीक्षा के रिजल्ट देखे जाएं तो टॉपर्स ज्यादातर पहली बार परीक्षा देने वाले छात्र हैं और इसमें से भी काफी ज्यादा गरीब और निम्न मध्यम बैकग्राउंड से है. सूत्रों का ये भी कहना है कि परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने के बाद तुरंत जिम्मेदारी लेते हुए एक महीने के अंदर हीं छात्रों के भविष्य की चिंता करते हुए ReExam कराया गया और जिनसे गलती हुई उनकी जिम्मेदारी भी तय की.
हिमांशु मिश्रा