स्पेलिंग की गलती पर छात्र को मंच पर डांटा, कान खींचा... Ex मिनिस्टर KT जलील के खिलाफ एक्शन

वीडियो में पूर्व मंत्री जलील को अपने भाषण के दौरान 10वीं कक्षा की परीक्षा में A-प्लस ग्रेड पाने वाले छात्रों से यह पूछते हुए देखा गया कि क्या उन्हें अल्फाबेट आती है? इस दौरान उन्होंने एक छात्र को मंच पर बुलाकर उसका कान भी खींचा, क्योंकि उसने पता लिखने में गलती की थी.

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KT जलील के खिलाफ बाल अधिकार आयोग की कार्रवाई.(Photo:ITG) KT जलील के खिलाफ बाल अधिकार आयोग की कार्रवाई.(Photo:ITG)

शिबिमोल

  • पलक्कड़,
  • 13 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:02 PM IST

केरल के पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री और CPI(M) नेता केटी जलील एक सम्मान समारोह के दौरान छात्रों के साथ गलत व्यवहार को लेकर विवादों में घिर गए हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर केरल राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने उनके खिलाफ स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है.

यह घटना पलक्कड़ जिले के मन्नारक्कड़ में आयोजित एक सम्मान समारोह की है, जहां तमाम नगरपालिका वार्डों से 10वीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया जा रहा था.

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मंच पर बुलाकर लिखवाया पता, गलती पर खींचा कान

वायरल वीडियो में केटी जलील छात्रों को मंच पर बुलाकर उनसे अपना पता लिखने के लिए कहते दिखाई दे रहे हैं. आरोप है कि जब एक छात्र से स्पेलिंग की गलती हुई तो उन्होंने उसका कान खींचा और पूछा कि क्या उसे अल्फाबेट यानी वर्णमाला ठीक से आती है. वहीं दूसरे छात्र को उन्होंने घबराहट में गलती न करने की नसीहत दी.

बाल अधिकार आयोग ने लिया स्वत: संज्ञान

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कहा कि वीडियो सोशल मीडिया और टीवी चैनलों पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ. इसके बाद आयोग के अध्यक्ष केवी मनोज कुमार ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया.

आयोग के अनुसार, पहली नजर में ऐसा प्रतीत होता है कि पूर्व मंत्री के व्यवहार से बच्चों को मानसिक परेशानी और सार्वजनिक अपमान का सामना करना पड़ा हो सकता है.

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MSF ने भी की कार्रवाई की मांग

इस मामले में मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन (MSF) ने भी केटी जलील के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है. संगठन का आरोप है कि छात्रों को सार्वजनिक मंच पर अपमानित करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है.

केटी जलील पेशे से पूर्व शिक्षक रह चुके हैं और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की पहली सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रह चुके हैं. अब इस मामले में बाल अधिकार आयोग की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी.

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