पटना में प्रदर्शन को लेकर प्रशांत किशोर समेत 21 लोगों पर FIR दर्ज, BPSC छात्रों को उकसाने का आरोप

पटना के जिलाधिकारी ने पूरे मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान हुई अव्यवस्था और कानून-व्यवस्था के उल्लंघन के कारण ये कार्रवाई की गई है. मामले की जांच जारी है, और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है.

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BPSC प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस ने छात्रों पर किया बलप्रयोग BPSC प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस ने छात्रों पर किया बलप्रयोग

शशि भूषण कुमार

  • पटना,
  • 29 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 11:52 PM IST

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के अभ्यर्थियों के हंगामा प्रदर्शन के मामले में प्रशांत किशोर और उनकी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पर गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. प्रशांत किशोर पर आरोप है कि उन्होंने अभ्यर्थियों को उकसाया, उन्हें सड़क पर लाकर हंगामा करने के लिए प्रेरित किया. इसके चलते उनके खिलाफ कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं. इस मामले में प्रशांत किशोर समेत 21 से अधिक नामजद और 600 से अधिक अज्ञात लोगों को अभियुक्त बनाया गया है.

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पटना के जिलाधिकारी ने पूरे मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान हुई अव्यवस्था और कानून-व्यवस्था के उल्लंघन के कारण ये कार्रवाई की गई है. मामले की जांच जारी है, और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है.

इनके खिलाफ हुई FIR

1.मनोज भारती (अध्यक्ष जन सुराज पार्टी)
2.रह्मांशु मिश्रा, कोचिंग संचालक
3. निखिल मणि तिवारी
4. ⁠सुभाष कुमार ठाकुर
5. ⁠शुभम स्नेहिल
6. ⁠प्रशांत किशोर (2 बाउंसर जो प्रशांत किशोर के साथ थे)
7. ⁠आनंद मिश्रा
8. ⁠राकेश कुमार मिश्रा
9. ⁠विष्णु कुमार 
10. ⁠सुजीत कुमार (सुनामी कोचिंग) 
सहित कुल 21 नामजद और 600–700 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.



नीतीश सरकार से बातचीत के इरादे से निकले थे छात्र
बिहार की राजधानी पटना में बीपीएससी अभ्यर्थी पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे. रविवार को वे गांधी मैदान से इस मकसद से निकले थे कि उनकी नीतीश कुमार सरकार से बातचीत होगी, लेकिन बीच में ही बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की गई. कैंडिडेट्स नहीं रुके और वे बैरिकेड्स को तोड़ते हुए आगे बढ़ते रहे. आखिर में जब वे जेपी गोलंबर पहुंचे तो पुलिस ने उनपर पानी की बौछारें कर दीं. इस दौरान पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज भी किया और फिर उन्हें जेपी गोलंबर से उन्हें हटा दिया गया है.

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प्रशांत किशोर की अगुवाई में निकाला गया था मार्च
दरअसल, अभ्यर्थियों का कहना है कि कई दिनों के विरोध प्रदर्शन के बावजूद नीतीश कुमार सरकार ने  उनसे बातचीत नहीं की. इसके बाद प्रशांत किशोर की अगुवाई में उन्होंने सचिवालय की तरफ मार्च करने का फैसला किया. गांधी मैदान से वे रविवार शाम सरकार से बातचीत करने के लिए निकले थे. उन्हें रोकने के लिए बिहार पुलिस ने कई लेयर में बैरिकेडिंग भी की. होटल मौर्य पर भी बैरिकेडिंग की गई लेकिन अभ्यर्थी उसे तोड़ते हुए आगे बढ़े, जहां बिहार पुलिस उन्हें रोकने के लिए पहुंच गई.

घायल छात्रों का हो रहा है इलाज
जेपी गोलंबर से सामने आए वीडियोज में देखा जा सकता है कि किस तरह अभ्यर्थियों पर पानी की बौछारें की जा रही हैं. इस ठंड के मौसम में वे पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. अभ्यर्थियों के हाथों में तिरंगा देखा जा सकता है. इस बीच उनपर पुलिस ने डंडे बरसाए, और फिर उन्हें दूर तक खदेड़कर सड़क खाली करा दिया. बताया जा रहा है कि कई अभ्यर्थी पुलिस की लाठीचार्ज में घायल भी हुए हैं, जिनका इलाज किया जा रहा है.

'मजबूरन वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा' - एसपी

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पटना सेंट्रल SP स्वीटी सहरावत ने कहा, "लाठीचार्ज नहीं हुआ, उनसे(अभ्यर्थियों से) बार-बार यहां से हटने का अनुरोध किया गया... हमने उनसे कहा कि वे अपनी मांगें हमारे सामने रखें, हम बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन वे अड़े रहे. अभ्यर्थियों द्वारा प्रशासन के साथ धक्का-मुक्की की गई...अंत में हमें मजबूरन वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा. उसमें भी हम बीच में आए और उन्हें हटाया, लेकिन तब भी वे नहीं हटे. अब हम जगह खाली करवा रहे हैं."

एसपी स्वीटी सहरावत ने कहा कि छात्रों के प्रदर्शन की वजह से सड़क पर जाम लग गया था. यहां बड़ी संख्या में लोग फंस गए थे. उनकी तरफ से कोई प्रतिनिधि मिलने नहीं आया. उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर जो पूरे मार्च को लीड कर रहे थे, वे छात्रों को जेपी गोलंबर पर जाम करके निकल गए थे. छात्रों से हटने की अपील की गई, लेकिन वे नहीं माने, और आखिरी में उनपर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया.

प्रशांत किशोर क्या बोले?

गांधी मैदान में अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, "एक दिन नारे लगाने से कुछ नहीं होगा. बिहार में छात्रों का जीवन कई सालों से बर्बाद हो रहा है. यह लड़ाई लंबे समय तक चलानी होगी और इसे अंजाम तक पहुंचाना होगा." उन्होंने किसान आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि किसान दिल्ली में सालों तक डेरा डालकर बैठे थे, तभी कुछ हुआ. उन्होंने कहा, 'बिहार में डोमिसाइल नीति में बदलाव, पेपर लीक और नौकरियों में भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करना है, तो बिहार के छात्रों को एकजुट होकर अपनी लड़ाई लड़नी होगी.'

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संजय सिंह ने नीतीश सरकार पर साधा निशाना
बिहार में BPSC परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस के लाठीचार्ज के बाद विपक्ष ने नीतीश सरकार पर जमकर निशाना साधा है. आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की. उन्होंने X पर पोस्ट लिखकर कहा- "BPSC अभ्यर्थियों पर पुलिस का जानलेवा लाठीचार्ज हुआ. कई दिनों से अनशन पर बैठे युवाओं के साथ जानवरों जैसा व्यवहार किया गया. यह सरकार की तानाशाही का उदाहरण है. नीतीश जी, आपसे ऐसी उम्मीद नहीं थी. सरकार छात्रों की मांगों का समाधान करे. देश लाठी से नहीं, संवाद और संविधान से चलेगा."

कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस ने भी पुलिस कार्रवाई को क्रूर बताते हुए नीतीश सरकार की आलोचना की. कांग्रेस ने कहा, "पहले भीषण ठंड में युवाओं पर वॉटर कैनन चलवाया गया, और फिर बेरहमी से लाठीचार्ज किया गया. पुलिस ने ताबड़तोड़ तरीके से लाठियां बरसाईं और किसी को भी नहीं बख्शा." कांग्रेस ने आगे कहा कि सरकार को अपना अहंकार छोड़कर युवाओं से बात करनी चाहिए और उनकी मांगें माननी चाहिए.

AISA ने किया बिहार बंद का ऐलान

30 दिसंबर को BPSC री-एग्जाम को लेकर AISA ने बिहार बंद और चक्का जाम का ऐलान किया है. भाकपा ने भी इस आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की है. प्रशांत किशोर ने कहा कि छात्र खुद निर्णय लें कि कब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने के लिए मार्च करना है. 

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बिना अनुमति निकाला गया मार्च
बता दें कि, गांधी मैदान में जन सुराज पार्टी द्वारा छात्र संसद के आयोजन के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी, जिसे नियमानुसार अस्वीकृत कर दिया गया था. प्रशासन का कहना है कि इसके बावजूद रविवार (29 दिसंबर) को पार्टी ने गांधी मूर्ति के पास अनधिकृत रूप से लोगों की भीड़ जुटाई, प्रदर्शन किया और कानून-व्यवस्था को चुनौती दी. प्रदर्शनकारियों ने गांधी मूर्ति से जेपी गोलंबर तक बिना अनुमति के जुलूस निकाला और सड़क जाम कर दी. इस दौरान प्रशासन और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की गई. प्रदर्शनकारियों ने भीड़ नियंत्रण के लिए लगाए गए लाउडस्पीकर को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. प्रशासन ने बार-बार अनुरोध किया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने और स्थिति तनावपूर्ण हो गई.

600 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR
जेपी गोलंबर पर भीड़ बेकाबू हो गई, जिसके बाद प्रशासन ने पानी की बौछार और हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को हटाया और स्थिति को सामान्य किया. गांधी मैदान थाना में इस घटना को लेकर 21 नामजद और 600 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. प्रशासन ने कहा कि कानून-व्यवस्था को भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

सामने आया है कि प्रदर्शनकारियों ने मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपने के लिए पांच लोगों का डेलीगेशन भेजने की बात की, लेकिन छात्रों के बीच आपसी सहमति नहीं बनी. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति के प्रदर्शन और विधि-व्यवस्था भंग करने की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे.

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तेजस्वी ने लाठीचार्ज की निंदा की
RJD नेता और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने प्रदर्शन कर रहे BPSC अभ्यर्थियों पर लाठी चार्ज और वाटर कैनन का प्रयोग किए जाने की कड़ी निंदा की है. तेजस्वी ने इस पर खेद प्रकट करते हुए कहा कि, तेजस्वी आप सभी पीड़ित अभ्यर्थियों के साथ खड़ा हूं. मैं युवा हूं और आपके दर्द को समझता हूं.

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