मुंबई की दो प्रमुख हाउसिंग सोसायटियों के मुस्लिम निवासियों के लिए इस साल बकरीद पर दी जाने वाली 'कुर्बानी' अधर में लटक गई है. सोसायटियों के भीतर त्योहार मनाने को लेकर हुए भारी विरोध प्रदर्शनों और बीजेपी नेताओं की शिकायत के बाद BMC बैकफुट पर आ गई है. उसने पहले से दी गई अनुमति वापस ले ली. इसके बाद, संबंधित सोसायटियों के मुस्लिम निवासियों को रिहायशी परिसर से अपने बकरे तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए हैं.
यह पूरा मामला बुधवार को उस समय गरमा गया जब मुंबई के पश्चिमी उपनगर के दिंडोशी इलाके में स्थित एक आवासीय इमारत के कुछ पड़ोसियों ने परिसर के भीतर बने एक अस्थायी टेंट से आने वाली दुर्गंध और हाइजीन को लेकर गंभीर मुद्दे उठाए. इसी टेंट में कुर्बानी के लिए बकरे रखे गए थे.
एक तरफ जहां बकरे रखने वाले मुस्लिम निवासियों का दावा है कि उनके पास प्रशासन से प्राप्त सभी आवश्यक और कानूनी अनुमतियां मौजूद थीं. उन्होंने कहा ही हर साल की तरह उन्होंने इस बार भी नियमों का पालन किया है. वहीं दूसरी तरफ स्थानीय भाजपा कॉर्पोरेटर प्रीति सातम ने इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराया. सातम ने रिहायशी सोसायटी के अंदर दी गई कुर्बानी की अनुमति को तुरंत रद्द करने की मांग उठाई. इसके साथ ही उन्होंने शिकायत करने वाले हिंदू पड़ोसियों को पूरी तरह आश्वस्त किया कि उन्हें अपने घरों और परिसर के पास किसी भी प्रकार की पशु बलि या कुर्बानी देखने को नहीं मिलेगी.
स्थानीय निवासी समीर ने आरोप लगाते हुए कहा, 'हम पिछले 20-25 वर्षों से यहां बकरीद मना रहे हैं और कुर्बानी करते आ रहे हैं. लेकिन पिछले कुछ वर्षों से हमें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. हमारे पास सभी कानूनी परमिशन होने के बावजूद हर बार हमारी अनुमति रद्द करा दी जाती है. बीजेपी की कॉरपोरेटर प्रीति सताम बिना किसी कारण हमारी परमिशन कैंसल करवा देती हैं.'
समीर ने बताया कि इस बार करीब 35 से 40 बकरे शेड में रखे गए थे. उन्होंने कहा, 'अगर हमें अनुमति नहीं मिलेगी तो हमें दूसरे विकल्प तलाशने होंगे. पिछले साल भी हमारी परमिशन रद्द हो गई थी, जिसके कारण हमें तीसरे दिन कुर्बानी करनी पड़ी थी, जबकि इस्लामिक परंपरा के अनुसार कुर्बानी पहले दिन की जाती है.'
निवासियों ने BMC की ओर से जारी अनुमति पत्र भी दिखाया और कहा कि निगम अधिकारियों ने पहले मौके का निरीक्षण किया था, उसके बाद ही अनुमति दी गई थी. हालांकि अब BMC ने मौखिक रूप से उन्हें बकरों को परिसर से हटाने के लिए कहा है. मुस्लिम निवासियों का कहना है कि निगम ने उन्हें पास के बूचड़खाने में जाकर कुर्बानी करने का सुझाव दिया, लेकिन वहां पहले से सभी स्लॉट बुक हैं और नई बुकिंग संभव नहीं है.
घाटकोपर की सागर पार्क सोसायटी में भी तनाव
ऐसा ही एक मिलता-जुलता और तनावपूर्ण मामला मुंबई के पूर्वी उपनगर के घाटकोपर पश्चिम इलाके में स्थित 'सागर पार्क' सोसायटी में देखने को मिला. यहां के मुस्लिम निवासियों का कहना था कि वे पिछले 27 वर्षों से बिना किसी विवाद के इस परिसर में कुर्बानी की रस्म अदा करते आ रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी वैध अनुमति को जबरन रद्द किया गया, तो वे न्याय के लिए उच्च अधिकारियों और अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे.
वहीं, सोसाइटी के हिंदू निवासियों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि बकरीद के दौरान उन्हें यातना और स्वास्थ्य संबंधी खतरे का सामना करना पड़ता है. कई निवासी जैन और शाकाहारी हैं तथा वे सोसाइटी परिसर में जानवरों की कुर्बानी बर्दाश्त नहीं कर सकते. सोसाइटी समिति के एक सदस्य ने कहा कि पहले उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि वे इसके खिलाफ विरोध दर्ज करा सकते हैं, लेकिन जानकारी मिलने के बाद उन्होंने बीजेपी नेताओं और अन्य संगठनों से संपर्क किया.
किरीट सोमैया की एंट्री और 'धार्मिक माफियागिरी' के आरोप
मामला बढ़ते ही भाजपा के वरिष्ठ नेता किरीट सोमैया भारी संख्या में समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए. उन्होंने विरोध कर रहे हिंदू निवासियों से मुलाकात की और उन्हें स्पष्ट रूप से आश्वस्त किया कि सभी बकरों को तुरंत सोसायटी परिसर से बाहर निकाला जाएगा और यहां किसी भी हाल में कुर्बानी नहीं होने दी जाएगी.
वहां से जाते समय उनके समर्थकों ने 'जय श्री राम', 'हर हर महादेव' और 'वंदे मातरम' के नारे लगाए. सोमैया ने कुछ लोगों पर धार्मिक माफियागिरी करने का आरोप भी लगाया.
सोमैया ने कहा, 'जो लोग धर्म के नाम पर दूसरों को परेशान करते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. मैंने नगर आयुक्त और अधिकारियों से साफ कह दिया है कि अगर किसी भी रिहायशी सोसाइटी में एक भी बकरे की कुर्बानी हुई तो उसकी जिम्मेदारी BMC की होगी.'
उन्होंने सवाल उठाया, 'आखिर सोसाइटी के अंदर बकरे आए कैसे? कल हमने यही मामला मीरा भयंदर में देखा था. क्या हर जगह किरीट सोमैया को जाना पड़ेगा?' वह मीरा रोड स्थित पूनम एस्टेट क्लस्टर-1 का जिक्र कर रहे थे, जहां उनके दौरे के बाद कुर्बानी के लिए लाए गए बकरों को सोसाइटी से बाहर हटा दिया गया था.
बाद में BMC ने अपनी दी हुई अनुमति वापस ले ली. हालांकि दिन खत्म होने तक एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सागर पार्क सोसायटी की कुछ विंग्स के निवासियों ने अपने बकरे परिसर से हटा लिए, जबकि एक विंग को गुरुवार को बकरीद के मौके पर परिसर के अंदर बकरे रखने और कुर्बानी करने की अनुमति दे दी गई.
विद्या