महाराष्ट्र में 20 जुलाई को अस्पतालों की OPD रहेगी बंद... डॉक्टरों पर हमले के विरोध में IMA का ऐलान

महाराष्ट्र के डोंबिवली में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों पर हुए हमले के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) महाराष्ट्र ने बड़ा ऐलान किया है. इसमें कहा गया है कि 20 जुलाई को 24 घंटे का राज्यव्यापी आंदोलन होगा. इस दौरान पूरे महाराष्ट्र में OPD, सर्जरी और सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं बंद रहेंग. हालांकि, इमरजेंसी, ICU, प्रसूति और अन्य सेवाएं जारी रहेंगी.

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महाराष्ट्र में 20 जुलाई को आईएमए की हड़ताल. (Photo: Representational) महाराष्ट्र में 20 जुलाई को आईएमए की हड़ताल. (Photo: Representational)

मिथिलेश गुप्ता

  • मुंबई,
  • 17 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:54 PM IST

अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों पर हुए हमले के बाद अब पूरे महाराष्ट्र में इसका असर दिखने वाला है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने 20 जुलाई को राज्यभर में 24 घंटे तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएं बंद रखने का ऐलान किया है. इसका मतलब है कि उस दिन OPD नहीं चलेगी, पहले से तय सर्जरी टाल दी जाएंगी और सामान्य इलाज की सेवाएं भी प्रभावित रहेंगी.

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हालांकि, राहत की बात यह है कि इमरजेंसी, ICU, प्रसूति सेवाएं और अन्य जीवनरक्षक इलाज जारी रहेंगे. यह फैसला डोंबिवली के शास्त्रीनगर नगर निगम अस्पताल में डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों पर हुए हिंसक हमले के विरोध में लिया गया है. IMA का कहना है कि ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों पर हमला सिर्फ किसी एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर हमला है. इसी के विरोध में 20 जुलाई सुबह 6 बजे से 21 जुलाई सुबह 6 बजे तक महाराष्ट्र में 24 घंटे का राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा.

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IMA के मुताबिक, इस दौरान नियमित OPD बंद रहेंगी. पहले से तय इलेक्टिव (नियोजित) सर्जरी नहीं होंगी. सामान्य चिकित्सा सेवाएं भी बंद रहेंगी, लेकिन गंभीर मरीजों को परेशानी न हो, इसलिए इमरजेंसी सेवाएं ICU, प्रसूति सेवाएं व अन्य जीवनरक्षक इलाज बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगे.

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IMA ने राज्य सरकार से मांग की है कि डोंबिवली अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. साथ ही अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून और सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए. IMA महाराष्ट्र के वरिष्ठ सदस्य डॉ. मंगेश पाटे ने कहा कि अगर डॉक्टर ही अस्पतालों में सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे, तो इसका असर पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर पड़ेगा.

कौन-कौन होगा आंदोलन में शामिल?

IMA का कहना है कि इस आंदोलन में सिर्फ एलोपैथी के डॉक्टर ही नहीं, बल्कि आयुर्वेद, होम्योपैथी, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मचारी और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कई अन्य संगठन भी हिस्सा लेंगे. यानी 20 जुलाई को अगर आप महाराष्ट्र में किसी सामान्य जांच, फॉलो-अप या पहले से तय ऑपरेशन के लिए अस्पताल जाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले संबंधित अस्पताल से जानकारी जरूर ले लें. इमरजेंसी सेवाएं हालांकि सामान्य रूप से उपलब्ध रहेंगी.

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