महाराष्ट्र में एक बार फिर उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) को बड़ा झटका लगा है. पार्टी के 6 सांसदों ने बगावत करते हुए अलग गुट बना लिया है. वहीं, माना जा रहा है कि 'ऑपरेशन टाइगर' अब फाइनल राउंड में पहुंच चुका है. उद्धव ठाकरे के बागी सांसद औपचारिक रूप से एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने का ऐलान कर सकते हैं. वहीं अब महाराष्ट्र में विपक्ष के कुछ विधायकों की सत्ता में शामिल होने की चर्चाएं जोर पकड़ रही है.
ऐसे में महाराष्ट्र बीजेपी के विधायक आशीष देशमुख ने मांग की है कि महाराष्ट्र के कोई ऑपरेशन की जरूरत नहीं है, विपक्ष के कोई भी विधायक को सत्ता के शामिल नहीं कराना चाहिए. अगर विपक्ष के विधायक सत्ता में शामिल होते है तो भीड़ हो जाएगी, भीड़ करने की कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि जब चुनाव आएंगे तो सीट बंटवारे को लेकर दरारे पैदा होंगी.
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विधायक आशीष देशमुख ने कहा कि, केंद्र में NDA को मजबूत करने के लिए जो संसद NDA में आ रहे है उनका स्वागत है. लेकिन महाराष्ट्र में विपक्ष के विधायकों को सत्ता में बिल्कुल शामिल नहीं करना चाहिए. महाराष्ट्र में महायुति सरकार के पास 3/4 से ज्यादा बहुमत है.
नागपुर जिले के सावनेर विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक आशीष देशमुख ने कहा है कि, हमारे पास पहले ही 3/4 से ज्यादा बहुमत है. विपक्ष के विधायक विपक्ष में रहें तो ज्यादा बेहतर है ऐसा मेरा मानना है.
बता दें कि महाराष्ट्र की राजनीति में 'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चा सबसे पहले 2022 में शुरू हुई थी. इसे एक ऐसी रणनीति माना जाता है, जिसके तहत एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और महायुति गठबंधन कथित तौर पर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों और नेताओं को अपने खेमे में शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं.
योगेश पांडे