बैंकॉक से फ्लाई कर मुंबई पहुंचने वाले ट्रांजिट पैसेंजर, एयरपोर्ट कर्मचारी, रिसीवर और करोड़ों रुपए का सोना. यह कोई क्राइम थ्रिलर फिल्म नहीं, बल्कि मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर चल रहे एक अंतरराष्ट्रीय गोल्ड स्मगलिंग सिंडिकेट की असल कहानी है, जिसका पर्दाफाश डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस ने किया है.
DRI मुंबई ने 'ऑपरेशन गोल्डन नेक्सस' के तहत एक बड़े गोल्ड स्मगलिंग नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए करीब 5 करोड़ रुपए कीमत का 3.2 किलोग्राम विदेशी सोना जब्त किया है. इस कार्रवाई में कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार आरोपियों में तीन विदेशी ट्रांजिट पैसेंजर, तीन एयरपोर्ट कर्मचारी और मुंबई का एक लोकल रिसीवर शामिल है.
जांच एजेंसी को खुफिया सूचना मिली थी कि मुंबई एयरपोर्ट पर काम करने वाले कुछ कर्मचारी विदेशी नागरिकों से तस्करी का सोना हासिल कर उसे एयरपोर्ट से बाहर निकालकर लोकल रिसीवर तक पहुंचा रहे हैं. सूचना के मुताबिक, यह नेटवर्क खासतौर पर बैंकॉक से आने वाले बांग्लादेशी और श्रीलंकाई नागरिकों का इस्तेमाल कैरियर के रूप में कर रहा था.
DRI मुंबई जोनल यूनिट ने शनिवार को छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 'ऑपरेशन गोल्डन नेक्सस' लॉन्च किया. एयरपोर्ट के तीन कर्मचारियों पर नजर रखी गई. इनमें दो बस/कोच ड्राइवर और एक कोच मॉनिटर था. जैसे ही ये कर्मचारी एयरपोर्ट के बाहर एक रिसीवर को सोना सौंपने की कोशिश कर रहे थे, DRI टीम ने उन्हें दबोच लिया.
इन गिरफ्तारियों के बाद कड़ियां खुलती चली गईं. अधिकारियों ने तत्काल उन ट्रांजिट पैसेंजर्स की पहचान कर ली, जो सोने की खेप लेकर भारत पहुंचे थे. इनमें एक बांग्लादेशी नागरिक और दो श्रीलंकाई नागरिक शामिल थे. तीनों कनेक्टिंग फ्लाइट के जरिए भारत से बाहर निकलने की तैयारी में थे, लेकिन DRI टीम ने तत्काल उन्हें भी अपने हिरासत में ले लिया.
आरोपियों से पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए. आरोप है कि विदेशी कैरियरों ने सोना अपने शरीर के अंदर छिपाकर भारत में तस्करी की थी. इसके बाद में एयरपोर्ट के अंदर मौजूद नेटवर्क के जरिए यह सोना कर्मचारियों तक पहुंचाया जाता था, जो उसे रिसीवर तक पहुंचाने का काम करते थे. DRI ने 3.2 किलोग्राम 24 कैरेट सोने का बुरादा बरामद किया.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 5 करोड़ रुपए आंकी गई है. बरामद सोने को कस्टम एक्ट, 1962 के प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया गया है. इस एक्शन से केवल सोने की खेप ही नहीं पकड़ी गई, बल्कि पूरी स्मगलिंग चेन का भंडाफोड़ हो गया. विदेशी कैरियर, एयरपोर्ट स्टाफ और लोकल रिसीवर एक संगठित नेटवर्क के रूप में काम कर रहे थे.
यही वजह है कि DRI इस ऑपरेशन को एक बड़ी सफलता मान रही है. एजेंसी का कहना है कि यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब सरकार विदेशी मुद्रा बचाने और देश की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सोने पर बढ़ी हुई ड्यूटी और टैक्स लागू कर चुकी है. ऐसे में सोने की अवैध तस्करी रोकना आर्थिक अपराधों के खिलाफ लड़ाई का अहम हिस्सा बन गया है.
दिव्येश सिंह