साइरस मिस्त्री की कार चलाने वाली डॉक्टर ट्रैफिक नियम तोड़ने की है आदी, चार्जशीट में चालान हिस्ट्री जोड़ेगी पुलिस

टाटा संस के पूर्व अध्यक्ष साइरस मिस्त्री की सड़क दुर्घटना में मौत के मामले में पुलिस ने दावा किया है कि आरोपी स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अनाहिता पंडोले ने सीट बेल्ट सही से नहीं लगा रखी थी. पुलिस इस जानकारी को चार्जशीट में शामिल करेगी. 4 सितंबर को पालघर सड़क हादसे में मिस्त्री और उनके दोस्त जहांगीर पंडोले की मौत हो गई थी.

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4 सितंबर को पालघर में कार पलटने से हो गई थी साइरस मिस्त्री की मौत (फाइल फोटो) 4 सितंबर को पालघर में कार पलटने से हो गई थी साइरस मिस्त्री की मौत (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 11:47 PM IST

टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की सड़क हादसे में मौत के मामले में आरोपी स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अनाहिता पंडोले की मुसीबत बढ़ने वाली है. पुलिस ने इस मामले में शुक्रवार को बड़ा खुलासा किया है. पालघर पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के वक्त मर्सिडीज बेंज चला रहीं डॉक्टर अनाहिता पंडोले ने अपनी सीट बेल्ट ठीक से नहीं लगा रखी थी. मालूम हो कि मिस्त्री (54) और उनके दोस्त जहांगीर पंडोले की चार सितंबर, 2022 को मुंबई से सटे पालघर में मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर कार दुर्घटना में मौत हो गई थी. दोनों मर्सिडीज कार की पिछली सीट पर बैठे थे, जबकि अनाहिता कार चला रही थीं और उनके पति डेरियस पंडोले भी अगली सीट पर बैठे थे. सभी अहमदाबाद से मुंबई लौट रहे थे. 

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अस्पताल से जल्द डिस्चार्ज होने वाली है अनाहिता

पालघर के पुलिस अधीक्षक बालासाहेब पाटिल ने बताया, "मर्सिडीज-बेंज कार चला रही डॉ अनाहिता ने सीट बेल्ट ठीक से नहीं पहनी थी. दरअसल उन्होंने पेल्विक बेल्ट नहीं बांध रखी थी. उन्होंने कहा, "महिला ने पीछे से केवल शोल्डर हार्नेस को ही पहन रखा था और लैप बेल्ट को एडजस्ट नहीं किया था. यह फाइंडिंग चार्जशीट का हिस्सा हैं, जिसे पुलिस अदालत में दाखिल करेगी. हादसे में जख्मी पेशे से स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अनाहिता का मुंबई के एक अस्पताल में अभी इलाज चल रहा है. पुलिस ने कहा कि अगले कुछ दिनों में उन्हें डिस्चार्ज किया जा सकता है.

दो साल में ओवर स्पीड के सात चालान हुए

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अनाहिता पंडोले का ट्रैफिक नियम तोड़ने का इतिहास रहा है. 2020 से अब तक कई बार ओवर-स्पीडिंग के लिए उनके चालान काटे जा चुके हैं. पालघर के पुलिस अधीक्षक बालासाहेब पाटिल ने कहा, 'डॉ. अनाहिता कम से कम सात बार तेज रफ्तार गाड़ी चलाते हुए स्पीड कैमरों में पकड़ी जा चुकी हैं.' उन्होंने कहा कि ये घटनाएं 2020 से लेकर सितंबर 2022 में दुर्घटना के दिन तक की हैं. पुलिस ने कहा कि उनके खिलाफ ई-चालान को अब चार्जशीट का हिस्सा बनाया जाएगा.

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उन्होंने कहा, "पालघर दुर्घटना में शामिल कार को ओवर-स्पीडिंग के लिए चालान जारी किए गए थे. अधिकारी ने कहा कि कार जेएम फाइनेंशियल के नाम पर रजिस्टर्ड है और अनाहिता पंडोले द्वारा इस्तेमाल की जा रही थी. पाटिल ने कहा कि पुलिस आरटीओ से संपर्क कर उसका ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने के लिए कहेगी.

नवंबर में अनाहिता के खिलाफ दर्ज हो गया था केस

पाटिल ने कहा कि पालघर पुलिस स्थानीय कोर्ट में इस हफ्ते के अंत तक मामले में  चार्जशीट दाखिल करेगी. नवंबर में अनाहिता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था. महिला के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 (ए) (उतावलेपन और लापरवाही से मौत का कारण), 279 (सार्वजनिक सड़क पर तेज गति से गाड़ी चलाना) और 337 (जीवन को खतरे में डालने और दूसरों की व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए मौत का कारण) के तहत केस दर्ज किया गया है.
 

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