45 डिग्री की तपिश, कूलर की ठंडक... शाही ठाठ से गर्मी काट रहे बाघ, मेन्यू में मल्टीविटामिन भी शामिल

महाराष्ट्र के चंद्रपुर में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है. भीषण गर्मी से इंसान ही नहीं, वन्यजीव भी बेहाल हैं. ऐसे में चंद्रपुर के ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर में बाघों और तेंदुओं के लिए खास इंतजाम किए गए हैं. हर केज में कूलर, ग्रीन नेट और स्पेशल डाइट के साथ बाघ और तेंदुए शाही अंदाज में गर्मी काट रहे हैं.

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केज में कूलर के साथ लगाए गए ग्रीन नेट. (Photo: Screengrab) केज में कूलर के साथ लगाए गए ग्रीन नेट. (Photo: Screengrab)

विकास राजूरकर

  • चंद्रपुर,
  • 29 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 2:10 PM IST

महाराष्ट्र में चंद्रपुर की धरती तप रही है. धूप में सड़कों पर निकलना मुश्किल हो गया है. लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं. इसी तपती गर्मी के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर चेहरे पर मुस्कान आ जाए. यहां बाघ और तेंदुओं के लिए कूलर का इंतजाम किया गया है. इन वन्यजीवों को स्पेशल डाइट भी दी जा रही है.

चंद्रपुर में स्थित ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर में वन्यजीव मौजूद हैं. इनमें 11 बाघ और 4 तेंदुए शामिल हैं. इन जीवों को गर्मी से बचाने के लिए हर केज में कूलर लगाए गए हैं. सिर्फ कूलर ही नहीं, गर्म हवाओं को रोकने के लिए केज के चारों ओर ग्रीन नेट भी लगाया गया है. नजारा ऐसा है मानो जंगल का राजा किसी शानदार रिजॉर्ट में छुट्टियां मना रहा हो.

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कूलर चलते ही बाघ सीधे उसके सामने आकर बैठ जाते हैं. कई बार तो वे इतने आराम से लेट जाते हैं, जैसे कह रहे हों- भाई, अब बाहर कौन निकले?तपती दोपहर में ये बाघ कूलर की हवा में आंखें मूंदकर आराम फरमाते नजर आते हैं. तेंदुओं का हाल भी कुछ ऐसा ही है. वे भी ठंडी हवा का पूरा आनंद ले रहे हैं.

वन विभाग ने इन खास मेहमानों के लिए सिर्फ ठंडक का ही इंतजाम नहीं किया है. उनके खानपान का भी विशेष ख्याल रखा जा रहा है. गर्मी के असर को कम करने के लिए भोजन में विटामिन-सी और मल्टीविटामिन शामिल किए गए हैं.

यह भी पढ़ें: गर्मी से बचाने के लिए हाथियों को पिलाया जा रहा ORS... मथुरा के केयर सेंटर में मिल रहा स्पेशल ट्रीटमेंट

पानी की भी पर्याप्त व्यवस्था है. कूलर में पानी खत्म न हो, इसके लिए कर्मचारियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है. ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर के वेटरनरी ऑफिसर डॉ. कुंदन पोड़चलवार बताते हैं कि गर्मी बढ़ने के साथ ही जानवरों की देखभाल और बढ़ा दी गई है. सभी केज में कूलर और ग्रीन नेट लगाए गए हैं. कूलर लगने के बाद बाघ अधिकतर समय उसके सामने ही बिताते हैं.

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पहले जो बाघ खुले हिस्से में टहलते रहते थे, अब वे कूलर छोड़कर बाहर कम निकलते हैं. दरअसल, यहां रखे गए कई बाघ और तेंदुए ऐसे हैं, जिन्होंने गांवों में दहशत फैलाई थी. कुछ ने इंसानों पर हमले किए, जबकि कुछ घायल होने के बाद इलाज के लिए यहां लाए गए हैं.

सोशल मीडिया पर इन बाघों के वीडियो वायरल हो रहे हैं. लोग मजेदार कमेंट कर रहे हैं. कोई इन्हें VIP टाइगर बता रहा है, तो कोई कह रहा है- चंद्रपुर के बाघ, इंसानों से ज्यादा लग्जरी लाइफ जी रहे हैं. हालांकि, इसके पीछे वन विभाग की तैयारी और संवेदनशीलता है. भीषण गर्मी में वन्यजीवों को सुरक्षित और स्वस्थ रखना बड़ी चुनौती होती है. यह नजारा जितना अनोखा है, उतना ही दिल जीत लेने वाला भी है.

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