बीजेपी का दावा- उद्धव ठाकरे के ड्रीम प्रोजेक्ट में हुआ हजार करोड़ का घोटाला, SIT जांच की मांग की

बीजेपी नेता आशीष शेलार ने कोस्टल रोड प्रोजेक्ट में 1000 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया है. अरब सागर के तट के साथ उत्तरी और दक्षिणी मुंबई को जोड़ने वाली परियोजना को महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में देखा जा रहा है.

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उद्धव ठाकरे उद्धव ठाकरे

कमलेश सुतार

  • मुंबई,
  • 07 सितंबर 2021,
  • अपडेटेड 2:29 AM IST
  • 'ठाकरे के ड्रीम प्रोजेक्ट में हजार करोड़ का घोटाला'
  • बीजेपी का कोस्टल रोड में घोटाले का आरोप
  • एसआईटी जांच की मांग की

बीजेपी नेता आशीष शेलार ने कोस्टल रोड प्रोजेक्ट में 1000 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया है. अरब सागर के तट के साथ उत्तरी और दक्षिणी मुंबई को जोड़ने वाली परियोजना को महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में देखा जा रहा है. शेलार ने आरोपों की एसआईटी जांच की मांग की है.

शेलार ने आरोप लगाया कि घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है. उन्होंने कहा, "निविदा दस्तावेज में कहा गया है कि तटीय सड़क से गुजरने वाली मिट्टी 1.75 - 1.99 घनत्व की थी. लेकिन ठेकेदार ने रॉयल्टी की चोरी करके इस स्थान को 2.5 के घनत्व से भर दिया, जिससे एक सरकार के राजस्व को करीब 437 करोड़ का नुकसान हुआ.''

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शेलार का कहना है कि बीएमसी के टेंडर नियमों के मुताबिक मिट्टी उठाने की दर 220 रुपये प्रति टन तय की गई है, लेकिन ठेकेदार ने बीएमसी से 596 रुपये प्रति टन का बिल पास करवा लिया. ऐसे में बीएमसी के अधिकारियों के बिना यह घोटाला संभव नहीं लगता. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि यह सब शिवसेना नेताओं के समर्थन के बिना नहीं हो सकता था. उन्होंने आगे यह भी आरोप लगाया कि इस्तेमाल की गई घटिया सामग्री दो चक्रवातों में बह गई, जिसके परिणामस्वरूप भारी नुकसान हुआ. मलबे को ढोने के लिए इस्तेमाल किए गए ट्रकों की संख्या भी वास्तव में इस्तेमाल किए गए ट्रकों की संख्या से अधिक दिखाई गई.

वहीं, आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए बीएमसी ने आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है. बीएमसी ने एक स्पष्टीकरण में कहा, "सभी सामग्री निविदा में निर्देशों के अनुसार खरीदी गई है, इसलिए घटिया सामग्री का कोई सवाल ही नहीं है."

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बीएमसी प्रमुख इकबाल सिंह चहल ने एक प्रेस बयान में कहा, "ये आरोप उस दिन लगाए गए हैं जब मालाबार हिल के नीचे 1 किलोमीटर लंबी सुरंग पूरी हो गई थी."

 

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