प्यास से तड़पते बंदरों का सहारा बना पान दुकानदार, भीषण गर्मी में 'विहारी यादव' ने पेश की अनोखी मिसाल

झारखंड के गढ़वा जिले में 43 डिग्री गर्मी के बीच पानी और भोजन की तलाश में भटक रहे बंदरों के लिए स्थानीय निवासी विहारी यादव सहारा बने हैं. भवनाथपुर के पान दुकानदार रोज पानी से भरे बर्तन रखते हैं और बंदरों को चना-बिस्किट खिलाते हैं. जंगलों में जलस्रोत सूखने और पेड़ों की कटाई से वन्य जीव गांवों की ओर आ रहे हैं. उनकी पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है.

Advertisement
हर दिन निभा रहे इंसानियत का धर्म.(Photo: Chandan Kumar Kashyap/ITG) हर दिन निभा रहे इंसानियत का धर्म.(Photo: Chandan Kumar Kashyap/ITG)

चंदन कश्यप

  • गढ़वा,
  • 20 मई 2026,
  • अपडेटेड 4:24 PM IST

झारखंड के गढ़वा जिले में 43 डिग्री की भीषण गर्मी ने इंसानों से लेकर जानवरों तक की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. खासकर पानी की तलाश में जंगली जानवर ज्यादा परेशान हो रहे हैं. ऐसे हालात में भवनाथपुर प्रखंड के एक स्थानीय निवासी विहारी यादव ने मानवता और जीव प्रेम की मिसाल पेश की है. भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच जहां अधिकांश लोग अपने कामकाज में व्यस्त हैं, वहीं एक पान दुकानदार का यह प्रयास इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है.

Advertisement

स्थानीय लोगों के मुताबिक, पंकज यादव उर्फ विहारी यादव रोजाना बंदरों के लिए पानी और भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं. वह नियमित रूप से पानी से भरे बर्तन रखते हैं और बंदरों को चना, बिस्किट समेत अन्य खाद्य सामग्री खिलाते हैं. क्षेत्र में लगातार बढ़ती गर्मी और जलस्रोतों के सूखने से बंदरों सहित अन्य वन्य जीवों के सामने भोजन और पानी का संकट गहरा गया है.

यह भी पढ़ें: झारखंडः गढ़वा में कई होटलों में देह व्यापार का खुलासा, 14 जोड़े लड़के-लड़कियां पकड़े गए

जंगलों की कटाई से बढ़ी परेशानी

गर्मी के कारण जंगलों में पानी की कमी और पेड़ों की कटाई बढ़ने से वन्य जीवों का प्राकृतिक जीवन प्रभावित हुआ है. जंगलों में जलस्रोत सूखने से बंदर और अन्य जानवर भोजन और पानी की तलाश में गांव और बाजार क्षेत्रों की ओर आने को मजबूर हो गए हैं. ऐसे हालात में विहारी यादव का यह कदम जानवरों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है.

Advertisement

उनकी इस पहल से स्थानीय लोगों में भी जागरूकता बढ़ी है और कई लोग इसे सराहनीय कदम बता रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के प्रयास से पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ती है और समाज में सकारात्मक संदेश जाता है.

इंसानियत और जिम्मेदारी का संदेश

विहारी यादव का कहना है कि आधुनिकता की दौड़ में लगातार जंगलों की कटाई हो रही है, जिससे वन्य जीवों का प्राकृतिक आशियाना खत्म होता जा रहा है. उनका मानना है कि इंसानों की तरह पशु-पक्षियों को भी जीने का अधिकार है और गर्मी के दिनों में उन्हें भोजन और पानी उपलब्ध कराना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी होनी चाहिए.

उनकी इस पहल की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है और लोग इसे मानवता और जीव प्रेम का प्रेरणादायक उदाहरण मान रहे हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement