इंटरनेट-बैंक सब ठप, PoK में त्राहिमाम... मुजफ्फराबाद के निवासी ने खोल दी पाकिस्तानी हुकूमत की पोल

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में एक महीने से लॉकडाउन के चलते बैंकिंग और इंटरनेट सेवाएं ठप हैं जिससे सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी परेशान हैं. स्थानीय लोगों ने सरकार से सख्ती छोड़कर बातचीत करने की अपील की है. कुछ दिन पहले जेएएसी के नेतृत्व में रावलाकोट, मुजफ्फराबाद और अब्बासपुर में हजारों लोग महंगाई, बिजली दरों और जरूरी चीजों की कमी के खिलाफ सड़कों पर आए थे.

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पीओके में लॉकडाउन से सिस्टम ठप होने का दावा (Photo: ANI) पीओके में लॉकडाउन से सिस्टम ठप होने का दावा (Photo: ANI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:54 PM IST

मुजफ्फराबाद, पीओके में पिछले एक महीने से जारी लॉकडाउन की वजह से पूरा सिस्टम ठप पड़ गया है. यहां के एक स्थानीय निवासी ने बताया कि बैंकिंग व्यवस्था बंद है, इंटरनेट सेवा भी ठप है और पूरा प्रशासनिक ढांचा रुक गया है. 

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए शख्स ने बताया कि सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी सबसे ज्यादा परेशान हैं क्योंकि उन्हें अपना वेतन और पेंशन तक नहीं मिल पा रहा है. 

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इस बीच जम्मू कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी यानी जेएएसी के नेतृत्व में इलाके में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि आजाद कश्मीर में हालात बेहद खराब हो चुके हैं. 

पीओके के एक निवासी ने कहा कि राज्य को अभिभावक की तरह व्यवहार करना चाहिए और लोगों की भलाई के लिए काम करना चाहिए. उन्होंने कहा कि सख्ती दिखाने की बजाय शरीफ सरकार को लोगों के साथ बैठकर बातचीत करनी चाहिए क्योंकि बातचीत से ही समाधान निकलता है और जबरदस्ती से मसले हल नहीं होते.

यह भी पढ़ें: कंगाली, बगावत और लाचारी! PoK में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच फिर कश्मीर का राग अलाप रहा आसिम मुनीर

जेएएसी के बैनर तले रावलाकोट, मुजफ्फराबाद और अब्बासपुर जैसे इलाकों में कुछ दिन पहले हजारों लोग सड़कों पर उतर आए थे. एक रैली में करीब चालीस हजार लोग जुटे थे. प्रदर्शनकारी महंगाई, बिजली की बढ़ती दरों, आर्थिक शोषण और खाने पीने की चीजों तथा दवाओं की कमी को लेकर गुस्से में थे. लोग पाकिस्तान की 'मुनीर सेना' के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं और आजादी के नारे भी लगाए थे.

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जेएएसी ने मांग की है कि शौकत नवाज मीर समेत गिरफ्तार किए गए सभी नेताओं को तुरंत रिहा किया जाए. इसके साथ ही संगठन ने अपनी 38 सूत्री मांगों को पूरा करने की भी अपील की . भारत पहले ही इस पूरे मामले में पाकिस्तान की दमनकारी कार्रवाई की कड़ी निंदा कर चुका है.

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