जम्मू-कश्मीर को दोबारा पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस और बीजेपी के बीच सियासी जंग जारी है. इस बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक व्यंग्यात्मक 'फर्जी' सोशल मीडिया पोस्ट को शेयर किया है. इसके जरिए उन्होंने बीजेपी पर तंज कसा है.
ये पैरोडी पोस्ट बिल्कुल ट्रंप के जाने-पहचाने अंदाज में लिखा गया है. इसमें मजाक में दिखाया गया है कि ट्रंप जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग का समर्थन कर रहे हैं और उमर अब्दुल्ला के मिशन की तारीफ कर रहे हैं.
इस फर्जी पोस्ट में लिखा है, 'जम्मू-कश्मीर में कुछ बहुत बड़ा हो रहा है! मुझे अपने दोस्त, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की जमकर तारीफ करनी होगी. क्या इंसान है! वो बहुत मेहनत कर रहे हैं, समझदारी से बात कर रहे हैं और शेर की तरह स्टेटहुड के लिए लड़ रहे हैं.'
'काश ऐसा होता...'
ट्रंप के पैरोडी पोस्ट में आगे लिखा है, 'चलो स्टेटहुड वापस लाते हैं और जम्मू-कश्मीर को फिर से महान बनाते हैं! मेरा यकीन मानिए, मुझसे बेहतर कोई बहाल नहीं कर सकता. सिवाय जम्मू-कश्मीर में उमर के.' CM अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मजाकिया पोस्ट को शेयर करते हुए एक छोटा सा कैप्शन लिखा- 'काश ऐसा होता.'
दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने की तैयारी, बीजेपी को घेरा
बता दें कि हाल ही में उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया था. जम्मू के महाराजा हरि सिंह पार्क में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उमर अब्दुल्ला ने ऐलान किया कि उनकी पार्टी स्टेटहुड की बहाली के लिए 20 जुलाई से एक नया आंदोलन शुरू करने जा रही है. संसद के मानसून सत्र के पहले दिन नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.
बीजेपी पर निशाना साधते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा, 'हमने लगभग दो साल तक स्टेटहुड की बहाली का इंतजार किया. केंद्र सरकार को जम्मू-कश्मीर के लोगों से किए गए वादे को पूरा करने के लिए पूरा समय दिया. लेकिन अब हम अपनी मांग के लिए नया तरीका अपनाएंगे.'
उन्होंने तंज कसते हुए आगे कहा, 'अब बीजेपी ही हमें बताए कि क्या हमें स्टेटहुड के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास जाना पड़ेगा और व्हाइट हाउस के बाहर धरना देना होगा? जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक हम अपनी ही राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शन करेंगे.'
2019 से पूर्ण राज्य की बहाली की मांग जारी
बता दें कि 2024 के जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार का केंद्र के खिलाफ पहला बड़ा प्रदर्शन होगा. अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 को हटाने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) में बांटे जाने के बाद से ही पूर्ण राज्य की बहाली यहां की सबसे बड़ी राजनीतिक मांग बनी हुई है.
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