हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की भारी बारिश ने तबाही मचाई है. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई जगह पेड़ उखड़ गए, लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आ रही हैं और बिजली-पानी की सप्लाई भी बाधित हुई है. राज्य में कुल 75 सड़कें बंद हो चुकी हैं, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के अनुसार, गुरुवार देर शाम तक 75 सड़कें बंद हो चुकी थीं. 29 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (DTR) प्रभावित हुए और 5 पानी की योजनाएं बाधित हुई हैं. कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए और छोटे-मोटे लैंडस्लाइड भी हुए हैं, जिससे यातायात पर असर पड़ा है.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज (शुक्रवार), 10 जुलाई को शिमला और सिरमौर जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है. सोलन में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. कुल्लू, मंडी, किन्नौर, हमीरपुर और चंबा में मध्यम बारिश का अनुमान है.
इसके अलावा कांगड़ा, ऊना और बिलासपुर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि लाहौल-स्पीति में सिर्फ हल्की बारिश होने की संभावना है. IMD के मुताबिक, शिमला में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर तेज बारिश हो सकती है. शिमला में मौसम सुहावना है और बारिश के कारण तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है.
मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी 12 से 18 घंटों के दौरान राज्य में भारी बारिश की संभावना है, जिसके चलते कई जिलों में भूस्खलन और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने की चेतावनी दी गई है. मौसम विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी में पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को नदी-नालों के पास न जाने की सलाह दी गई है.
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार ने कहा कि अधिकतम बारिश सिरमौर जिले में देखने को मिल सकती है. सिरमौर के साथ-साथ सोलन और शिमला जिले में भी अगले 12 से 18 घंटों में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. वहीं, किन्नौर, स्पीति, कुल्लू, मंडी और कांगड़ा के कुछ स्थानों पर मध्यम स्तर की बारिश देखने को मिलेगी. इसके बाद 13 जुलाई से बारिश में थोड़ी कमी आने की उम्मीद है.
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