आसमान उगल रहा आग, नीचे बूंद-बूंद को तरस रहे लोग... हरियाणा में प्रोटेस्ट

हरियाणा के कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत देखने को मिल रही है. एक ओर भीषण गर्मी, तो दूसरी ओर पेयजल संकट लोगों की परेशानियां बढ़ा रहा है. हिसार के हांसी में ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है, जबकि चरखी दादरी की स्थिति भी बेहद गंभीर बनी हुई है.

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लोगों का कहना है कि जब तक पीने का पानी नहीं मिलेगा, प्रदर्शन जारी रहेगा.(Representational Photo: PTI) लोगों का कहना है कि जब तक पीने का पानी नहीं मिलेगा, प्रदर्शन जारी रहेगा.(Representational Photo: PTI)

कमलजीत संधू

  • चंडीगढ़,
  • 29 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:43 AM IST

भीषण गर्मी में हरियाणा के कई इलाके गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं. हिसार के हांसी क्षेत्र के चानौत गांव में पेयजल संकट को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है. पिछले 13 दिनों से ग्रामीण हांसी शहर के लिए बन रही भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन के काम को रोककर विरोध कर रहे हैं. गांव में महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसने इस आंदोलन को और बड़ा रूप दे दिया.

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महापंचायत में कई बड़े नेताओं ने भाग लिया, जिनमें इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला, हिसार सांसद जय प्रकाश, नारनौंद विधायक जस्सी पेटवाड़, किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी और हर्ष छिकारा शामिल थे.

ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि जिस पाइपलाइन से हांसी शहर को पानी दिया जा रहा है, उसी लाइन से चानौत गांव को भी स्थायी पेयजल कनेक्शन दिया जाए. महापंचायत में यह फैसला लिया गया कि अगर 1 जून तक गांव को पानी नहीं मिला, तो ग्रामीण पाइपलाइन तोड़कर सड़क पर डाल देंगे. उन्होंने चेतावनी दी है कि बिना गांव को पानी दिए किसी भी हाल में पाइपलाइन यहां से नहीं जाने दी जाएगी.

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अभय सिंह चौटाला ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार जानबूझकर गांव को पानी नहीं देना चाहती. जय प्रकाश ने कहा कि ग्रामीणों की मांग पूरी तरह जायज है और सरकार को जल्द समाधान निकालना चाहिए. जस्सी पेटवाड़ ने कहा कि स्थायी पेयजल व्यवस्था होने तक आंदोलन जारी रहेगा.

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वहीं, गुरनाम सिंह चढूनी ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा, चानौत गांव को अकेला समझने की गलती न करें. पूरा हरियाणा इस गांव के साथ खड़ा है.

पूर्व सरपंच सत्यवान दूहन ने कहा कि गांव सालों से पानी की भारी कमी से जूझ रहा है और जब तक पानी नहीं मिलेगा, तब तक धरना जारी रहेगा. जहां चानौत के लोग सड़कों पर उतर आए हैं, वहीं चरखी दादरी में भी पानी का संकट कम गंभीर नहीं है.

चरखी दादरी में पानी का संकट

चरखी दादरी शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछले एक हफ्ते से पेयजल की भारी कमी है. कई इलाकों में लोगों को पीने का पानी तक नहीं मिल रहा है. शहर निवासी संदीप फोगाट, सुदामा प्रसाद और ग्रामीण प्रीतम साहू का कहना है कि सरकारी सप्लाई ठप होने के कारण वे पूरी तरह निजी वॉटर टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं. लोग 800 से 900 रुपये प्रति टैंकर चुकाने को मजबूर हैं, जो मध्यम और गरीब परिवारों के लिए भारी बोझ बन गया है.

वर्तमान में क्षेत्र के अधिकांश जलघर और नहरें पूरी तरह सूखी पड़ी हैं. कई क्षेत्रों में अनियमित पानी सप्लाई की रिपोर्ट्स पर संज्ञान लेते हुए हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने दो उप-मंडल अधिकारियों (SDO) और दो कनिष्ठ अभियंताओं (JE) को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए हैं.

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मंत्री ने कहा, हमने उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है. निर्देश दिए गए हैं कि पानी की व्यवस्था तुरंत की जाए. जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता सोहन लाल जांगड़ा ने बताया कि शहर की पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नई मुख्य पाइपलाइनें बिछाई गई हैं.

नई लाइनों को पुराने सिस्टम से जोड़ने में तकनीकी कारणों के चलते समय लगने के कारण कुछ क्षेत्रों में अस्थायी दिक्कत आई है.

हरियाणा के कई इलाकों में पानी का संकट लगातार गहराता जा रहा है. जहां अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जल्द स्थिति सुधर जाएगी, वहीं जमीन पर लोग तत्काल और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं.

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