गुरुग्राम के सोहना रोड पर गुरुवार शाम एक ऐसा मंजर देखने को मिला जिसने लोगों को डरा दिया. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की शुरुआत में अचानक सड़क धंस गई और बीच सड़क पर करीब 15 फीट गहरा विशाल गड्ढा बन गया. गड्ढा इतना बड़ा और डरावना था कि स्थानीय लोगों ने इसे पाताल लोक का नाम देना शुरू कर दिया. यह घटना सेक्टर-48 के पास हुई, जहां से हर दिन हजारों वाहन जयपुर और मुंबई की तरफ गुजरते हैं. जिस वक्त सड़क धंसी, उस समय वहां कोई वाहन मौजूद नहीं था. इसी वजह से बड़ा हादसा टल गया. अगर उसी समय कोई तेज रफ्तार वाहन उस जगह से गुजर रहा होता तो गंभीर दुर्घटना हो सकती थी.
घटना के बाद प्रशासन ने मौके पर बैरिकेडिंग कर दी और सड़क की दो लेन बंद कर दी गईं. लेकिन इसके चलते इलाके में भारी ट्रैफिक जाम लग गया. खासकर शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक पीक आवर्स में वाहन चालकों को लंबी कतारों में फंसना पड़ा. ट्रैफिक पुलिस ने कुछ रास्तों को डायवर्ट किया, लेकिन इसके बावजूद लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी. सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि पिछले तीन सालों में इसी जगह सड़क धंसने की यह छठी घटना है. हर बार सड़क की मरम्मत की जाती है, लेकिन कुछ समय बाद सड़क फिर उसी जगह से धंस जाती है. लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
3 साल में छठी बार धंसी सड़क
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन सिर्फ खानापूर्ति करता है और स्थाई समाधान की तरफ ध्यान नहीं देता. लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क की हालत लगातार खराब होती जा रही है. सोशल मीडिया पर भी इस घटना के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें सड़क के बीच बना विशाल गड्ढा साफ दिखाई दे रहा है.
इस मामले में वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेश यादव ने भी प्रशासन और निर्माण एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि सड़क का निर्माण एक अनुभवहीन बिल्डर द्वारा किया गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क के नीचे से गुजर रही गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण यानी GMDA की मास्टर सीवर लाइन का निर्माण के दौरान ठीक से ध्यान नहीं रखा गया.
राजेश यादव के मुताबिक बार-बार सीवर लाइन में लीकेज होने से सड़क अंदर से खोखली हो रही है. इसी वजह से सड़क अचानक धंस जाती है. उन्होंने यह भी कहा कि इस परियोजना का शुरुआती बजट करीब 1800 करोड़ रुपये था, जो बाद में बढ़कर 2200 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. इसके बावजूद सड़क की गुणवत्ता बेहद खराब है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर हर दिन भारी संख्या में वाहन गुजरते हैं. यह दिल्ली, जयपुर और मुंबई को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण एक्सप्रेस-वे है. ऐसे में सड़क का बार-बार धंसना लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है.
GMDA की सीवर लाइन बनी वजह
घटना के 24 घंटे बाद भी कोई बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा. इससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई. लोगों का कहना है कि प्रशासन को केवल अस्थाई मरम्मत करने के बजाय इस समस्या की जड़ तक पहुंचना चाहिए. स्थानीय लोग अब जवाबदेही तय करने और स्थाई समाधान की मांग कर रहे हैं. फिलहाल मौके पर पुलिस और ट्रैफिक विभाग की टीम तैनात है.
बैरिकेडिंग कर इलाके को सुरक्षित किया गया है ताकि कोई वाहन गड्ढे के पास न जा सके. प्रशासन ने मरम्मत का काम शुरू करने की बात कही है, लेकिन लोगों को डर है कि इस बार भी कुछ समय बाद सड़क फिर उसी जगह से धंस सकती है. सोहना रोड पर बना यह विशाल गड्ढा अब सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही, खराब निर्माण और करोड़ों रुपये की परियोजनाओं की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल बन गया है. गुरुग्राम के लोग अब यह जानना चाहते हैं कि आखिर इस ‘पाताल लोक’ जैसे गड्ढे का स्थाई इलाज कब होगा.
नीरज वशिष्ठ