गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले में शुक्रवार सुबह एक सरकारी आवासीय स्कूल में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक साथ 147 छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई. सभी छात्राओं में पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण दिखाई दिए, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया. शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध फूड पॉइजनिंग का माना जा रहा है.
दरअसल, यह घटना सुरेंद्रनगर जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) की है. स्कूल में कुल 215 छात्राएं पढ़ती हैं. इनमें से 147 छात्राएं शुक्रवार सुबह बीमार हो गईं. घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया.
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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सभी छात्राओं की हालत फिलहाल स्थिर है. हालांकि एहतियात के तौर पर कई छात्राओं को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कर इलाज जारी रखा गया है.
रात के खाने के बाद बिगड़ी तबीयत
मुख्य जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.जी. गोहिल ने बताया कि 147 छात्राओं में पेट दर्द, दस्त और उल्टी की शिकायत सामने आई. इनमें से 102 छात्राओं का इलाज चुडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है, जबकि 45 छात्राओं को बेहतर इलाज के लिए सुरेंद्रनगर के दो अस्पतालों में रेफर किया गया है.
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, छात्राओं ने गुरुवार रात हॉस्टल में सब्जी, भाखरी, खिचड़ी और खीर खाई थी. शुक्रवार सुबह एक-एक कर कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद पूरे स्कूल में हड़कंप मच गया.
स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर हॉस्टल में परोसे गए भोजन के सैंपल जांच के लिए एकत्र कर लिए हैं. रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्राओं की तबीयत आखिर किस वजह से बिगड़ी.
जांच के बाद होगी कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही लिमडी के विधायक किरीटसिंह राणा अस्पताल पहुंचे और भर्ती छात्राओं का हालचाल जाना. उन्होंने कहा कि फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता सभी छात्राओं का बेहतर इलाज और उनकी जल्द रिकवरी सुनिश्चित करना है.
उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर जिला कलेक्टर और प्रांत अधिकारी से बातचीत की गई है. पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है और विस्तृत जांच कराई जाएगी.
विधायक ने कहा कि यदि जांच में हॉस्टल के भोजन तैयार करने वाली एजेंसी की किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
अभिभावकों में नाराजगी
घटना के बाद कुछ अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन पर नाराजगी जताई. उनका आरोप है कि स्कूल की ओर से उन्हें इस घटना की कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई.
एक अभिभावक अनुसूया गणोतरा ने बताया कि उनकी दो बेटियां इसी स्कूल में पढ़ती हैं. उन्हें घटना की जानकारी स्कूल से नहीं, बल्कि एक रिश्तेदार से मिली. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में स्कूल प्रशासन को तुरंत सभी अभिभावकों को सूचना देनी चाहिए थी.
फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग भोजन के सैंपलों की जांच कर रहा है और छात्राओं की लगातार निगरानी की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि सभी 147 छात्राओं की हालत स्थिर है और किसी की भी स्थिति गंभीर नहीं है.
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