गुजरात: राहुल ने सूती धागा पहनने से किया इनकार... बीजेपी ने बताया गांधी का अपमान...VIDEO

गुजरात चुनाव में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एक वायरल वीडियो की वजह से विवाद बढ़ गया है. वीडियो में राहुल गांधी ने सूती धागा पहनने से मना कर दिया है. बीजेपी इसे महात्मा गांधी का अपमान बता रही है.

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गुजरात में कांग्रेस नेता राहुल गांधी गुजरात में कांग्रेस नेता राहुल गांधी

गोपी घांघर

  • अहमदाबाद,
  • 10 मई 2022,
  • अपडेटेड 8:26 PM IST
  • महात्मा गांधी का प्रतीक माना जाता सूती धागा
  • आदिवासी रैली को राहुल गांधी ने किया संबोधित

गुजरात चुनाव को लेकर बीजेपी और कांग्रेस का प्रचार शुरू हो चुका है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मंगलवार को गुजरात दौरे पर आए थे. उन्होंने दाहोद में एक आदिवासी सत्याग्रह रैली को भी संबोधित किया. लेकिन उसी कार्यक्रम को लेकर एक विवाद खड़ा हो गया है. सोशल मीडिया पर राहुल गांधी का एक वीडियो वायरल हो रहा है जहां पर उन्होंने सूती धागा पहनने से मना कर दिया है. बाद में उन्होंने वो धागा एक सीढ़ी पर ही छोड़ दिया.

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दरअसल गुजरात कांग्रेस के प्रभारी रघु शर्मा द्वारा राहुल गांधी को एक सूती धागा दिया गया था. लेकिन तब राहुल ने उसे पहनने से मना कर दिया और अपने हाथ में ले लिया. उसके बाद जब वे सीढ़ियों से उतर रहे थे, उन्होंने वो धागा वहीं पर छोड़ दिया. अब बीजेपी की तरफ से चुनावी मौसम में इस वीडियो को लगातार शेयर किया जा रहा है. आरोप लगाया जा रहा है कि राहुल गांधी और कांग्रेस महात्मा गांधी का अपमान कर रही है.

बीजेपी के प्रवक्ता भरत डागंर ने ट्वीट करते हुए कहा है कि जिन लोगों ने सालों तक गांधी सरनेम का इस्तेमाल कर देश पर राज किया, अब उन्हें पूज्य बापू की प्रिय खादी के धागे को पहनने में दिक्कत हो रही है. कांग्रेस को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए. अब गुजरात की राजनीति में महात्मा गांधी और उनके प्रतीक काफी मायने रखते हैं. ऐसा ही एक प्रतीक सूती धागा भी है. लेकिन राहुल गांधी का इसे ना पहनने से बड़ा बवाल खड़ा हो गया है. बीजेपी ने तुरंत इस मुद्दे को भुना लिया है और लगातार वार जारी हैं.

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कांग्रेस की तरफ से भी पलटवार किया गया है. उनकी नजरों में जिस पार्टी ने कभी महात्मा गांधी को नहीं माना, उसे अब राजनीति के लिए उनका मान-अपमान दिख रहा है. कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोशी ने कहा कि आज आदिवासी सत्याग्रह में जो आदिवासी अपने जल, जमीन जंगल के हक के लिए पहुंचे थे, उन्हें देखकर बीजेपी के होश उड़ गए हैं.

वैसे गुजरात की राजनीति में आदिवासी वोटबैंक भी मायने रखता है. इसे कांग्रेस का परंपरागत वोट माना गया है, लेकिन बीजेपी की सेंधमारी भी रहती है. आदिवासी वोट बेंक का असर गुजरात में 27 सीटों पर देखने को मिलता है. वहीं आसपास की 40 सीटों पर भी उनकी भूमिका निर्णायक मानी जाती है. ऐसे में दोनों बीजेपी और कांग्रेस इस वोटबैंक पर अपनी नजर बनाए हुए है.

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