अहमदाबाद में इबोला का एक संदिग्ध मामला सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है. अफ्रीकी देश कांगो से भारत आए एक 37 साल के बिजनेसमैन को सरकारी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है. उसके संपर्क में तीन अन्य लोग भी आए थे, जिन्हें एहतियातन अलग-अलग अस्पतालों में रखा गया है. डॉक्टरों ने इन सभी के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए हैं.
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंसेरिया ने बताया कि मरीज की हालत फिलहाल स्थिर है और उसका तापमान नियंत्रण में है. डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है. फिलहाल सभी को जांच रिपोर्ट का इंतजार है.
यह बिजनेसमैन इसी महीने कांगो से सीधे मुंबई आया था. वहां पांच दिन रुकने के बाद वह अपने काम के सिलसिले में सिलवासा और दमन भी गया. इसके बाद 22 मई को वह गुजरात के वडोदरा पहुंचा. वहां 26 मई को अचानक तबीयत बिगड़ने की वजह से अस्पताल ले जाना पड़ा. शुरुआत में तो सिर्फ सामान्य बुखार, सर्दी-खांसी की ही शिकायत थी. लेकिन, डॉक्टरों को जैसे ही उसकी अफ्रीकी ट्रैवल हिस्ट्री के बारे में पता चला, वे तुरंत अलर्ट हो गए. इसके बाद बिना कोई वक्त गंवाए मरीज को अहमदाबाद रेफर कर दिया गया.
बेंगलुरु में भी आया था ऐसा मामला
स्वास्थ्य विभाग ने इसे सावधानी के तौर पर उठाया गया कदम बताया है. प्रशासन का कहना है कि फिलहाल किसी अन्य व्यक्ति में बीमारी का कोई लक्षण नहीं मिला है. मरीज के साथ आए दो साथियों और एक अन्य संपर्क में आए व्यक्ति को भी अलग वार्ड में रखा गया है, ताकि संक्रमण के किसी भी खतरे को समय रहते रोका जा सके. स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ग्राउंड पर हर जरूरी कदम उठा रहा है.
इससे पहले कर्नाटक के बेंगलुरु में भी युगांडा से आई एक महिला को इबोला के संदेह में आइसोलेशन में रखा गया था, हालांकि बाद में उसकी जांच रिपोर्ट पूरी तरह नेगेटिव आई थी. उसे भी हल्के लक्षण दिखने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाल ही में कांगो और युगांडा में फैल रहे इबोला प्रकोप को पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है. इबोला एक गंभीर बीमारी है, जो इंसानों और जानवरों में तेजी से फैल सकती है. फिलहाल अहमदाबाद का स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता बरतते हुए रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है.
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