कोरोना: गुजरात में लॉकडाउन के आसार के बीच दुकानों पर दिखी भारी भीड़, हड़बड़ी में नजर आए लोग

कहा जा रहा है कि गुजरात में आंशिक लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया जा सकता है. ऐसे में लोगों के बीच सामानों की खरीद को लेकर हड़बड़ी नजर आई. लोगों का कहना है कि अगर लॉकडाउन लगता है तो दिक्कत होगी इसलिए अभी सभी चीजें घर में रख ले रहे हैं.

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गुजरात में लॉकडाउन लगने के आसार के बीच लोगों ने पैनिक बायिंग शुरू कर दी है. गुजरात में लॉकडाउन लगने के आसार के बीच लोगों ने पैनिक बायिंग शुरू कर दी है.

गोपी घांघर

  • अहमदाबाद,
  • 06 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 11:03 PM IST
  • गुजरात में सक्रिय मामलों की संख्या 17,348
  • गुजरात में कोरोना के 3280 नए मामले आए

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच गुजरात हाई कोर्ट ने राज्य में थोड़े समय के लिए लॉकडाउन लगाने की सुझाव दिया है. इस बीच गुजरात के अहमदाबाद में दुकानों पर लोगों की भीड़ नजर आई. हालांकि इस मसले पर केंद्रीय मंत्री अमित शाह और राज्य के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी और उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का के फैसला लिया जा सकता है. ऐसे में लोगों के बीच सामानों की खरीद को लेकर हड़बड़ी नजर आई.

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लोगों का कहना है कि अगर लॉकडाउन लगता है तो दिक्कत होगी इसलिए अभी सभी चीजें घर में रख ले रहे हैं. साथ ही कुछ लोगों का कहना है कि कोरोना के जो हालात हैं वैसे में सरकार कभी भी कुछ भी फ़ैसला ले सकती हे इसलिए ख़रीदारी कर रहे हैं. बता दें कि गुजरात में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 3280 नए मामले सामने आए हैं. वहीं, 2167 लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं. राज्य में सक्रिय मामलों की संख्या 17,348 है.

गौरतलब है कि गुजरात में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच राज्य के हाई कोर्ट ने सूबे में थोड़े समय के लिए लॉकडाउन लगाने की सलाह दी है. एक याचिका पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने कहा कि राज्य में कोरोना के मामले बेकाबू होते नजर आ रहे हैं. ऐसे में संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए तीन से चार दिन के लिए लॉकडाउन लगाया जा सकता है.

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चीफ जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस भार्गव कारिया की पीठ ने कहा कि मौजूदा स्थिति पर काबू पाने के लिए लॉकडाउन या फिर कर्फ्यू की जरूरत है. जस्टिस नाथ ने कहा, ''कोरोना के चलते हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं और स्थिति हाथ से निकलती जा रही है.'' सोमवार को गुजरात में तीन हजार से ज्यादा मामले सामने आए थे. उन्होंने राजनीतिक आयोजन समेत सभी आयोजनों पर रोक लगाने या फिर इन पर कंट्रोल करने की बात कही. 

 

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