गणतंत्र दिवस परेड में शामिल नहीं होंगे घोड़े? फैली लाइलाज ग्लैंडर्स बीमारी

राजधानी में घोड़ों में ग्लैंडर्स नाम की बीमारी फैल गई है. 1500 में से करीब 35 घोड़ों के सेंपल पॉजिटिव पाए गए हैं, इन घोड़ों को आइसोलेट किया गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए कृषि मंत्रालय ने भी आपात बैठक बुलाई है.

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फाइल फोटो फाइल फोटो

कपिल शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 11 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 8:50 AM IST

देशभर में अब गणतंत्र दिवस मनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं. राजधानी दिल्ली में भी सुरक्षा के चाक-चौबंद मुस्तैद हैं. इसी के साथ ही परेड को लेकर भी तैयारियां जोरों पर हैं. लेकिन इस बार परेड में घोड़ों के शामिल होने पर संशय बरकरार है.

राजधानी में घोड़ों में ग्लैंडर्स नाम की बीमारी फैल गई है. 1500 में से करीब 35 घोड़ों के सेंपल पॉजिटिव पाए गए हैं, इन घोड़ों को आइसोलेट किया गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए कृषि मंत्रालय ने भी आपात बैठक बुलाई है. इस बीमारी की वजह से गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने वाले घोड़ों पर भी संशय हो गया है. बता दें कि ग्लैंडर्स एक लाइलाज बीमारी है, इसे खत्म करने के लिए बीमार घोड़ों को मारना ही पड़ता है.

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इससे पहले खबर थी कि इसकी चपेट में आए सात घोड़ों को पशुपालन विभाग ने बेहोशी की दवा देकर मार दिया था. बताया जा रहा है कि यदि राजधानी में किसी अन्य घोड़े में भी यह लक्षण दिखा तो उसे भी मार दिया जाएगा.

गौरतलब है कि ग्लेंडर्स पशुओं और इंसानों एक संक्रामक रोग है. इस बीमारी के बैक्टेरिया सेल में प्रवेश कर जाते हैं. इलाज से भी यह पूरी तरह नहीं मरते हैं. ऐसे में दूसरे जानवर और इंसान भी इससे संक्रमित हो जाते हैं.

यह बीमारी ऑक्सीजन के जरिये फैलती है. शरीर की गांठों में संक्रमण होने के कारण घोड़ा उठ नहीं पाता है और बाद में उसकी मृत्यु हो जाती है. गांठों-ग्रंथियों को प्रभावित करने के कारण इसे ग्लेंडर बरखेलडेरिया मैलाई कहा जाता है.

आपको बता दें कि इस बार की गणतंत्र दिवस काफी खास होने वाली है. इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बुलावे पर आसियान देशों के प्रमुख भी शामिल होंगे. कार्यक्रम में करीब 10 देशों के राष्ट्रप्रमुख शामिल हो सकते हैं.

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