वीरभद्र सिंह के खिलाफ मनी लॉड्रिंग मामले पर सुनवाई के लिए कोर्ट तैयार

कोर्ट ने इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) से आरोपी एलआईसी एजेंट आनंद चौहान के खिलाफ दायर चार्जेशीट पर संज्ञान ले लिया है और सुनवाई के लिए 26 सितम्बर की तारीख तय की है.

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वीरभद्र सिंह वीरभद्र सिंह

पूनम शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 08 सितंबर 2016,
  • अपडेटेड 7:56 AM IST

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से जुड़े मनी लॉड्रिंग के मामले में दिल्ली की पटियाला कोर्ट ने कहा है कि वो इस मामले की सुनवाई कर सकती है, क्योंकि पेश तथ्यों से जाहिर है कि वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह के नाम दिल्ली में प्रॉपर्टी खरीदी गई है. यह प्रॉपर्टी भी इस केस के अपराध की प्रक्रिया में शामिल है.

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कोर्ट ने इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) से आरोपी एलआईसी एजेंट के खिलाफ दायर चार्जेशीट पर संज्ञान ले लिया है और सुनवाई के लिए 26 सितम्बर की तारीख तय की है. कोर्ट ने कहा कि उन्होंने मामले में शिकायत और अन्य कागजात देखे हैं. कोर्ट ने ईडी के वकील से सवाल पूछा गया कि कैसे यह अदालत इस शिकायत पर सुनवाई कर सकती है क्योंकि इस मामले में अधिक्तर लेन-देन हिमाचल प्रदेश में हुए हैं. ईडी के वकील ने बताया कि प्रतिभा सिंह के नाम पर ग्रेटर कैलाश पार्ट-एक में एक प्रॉपर्टी ली गई है.

कोर्ट ने ईडी की दलीलें सुनने के बाद कहा की ये कोर्ट इस मामले की कर सकती है. कोर्ट ने ईडी से कहा है कि वो आरोपी आनंद चौहान को चार्जशीट और उससे जुड़े कागजात की कॉपी दे दे. चौहान इस समय तिहाड़ जेल में बंद है.

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इस मामले में ईडी ने मंगलवार को दायर की थी. वीरभद्र सिंह और उनके परिवार के खिलाफ दर्ज मनी लॉड्रिंग के मामले में आनंद चौहान भी आरोपी है. चार्जेशीट में बताया गया है कि चौहान ने वीरभद्र सिंह की 5.14 करोड़ रुपए की अवैध आय से वीरभद्र सिंह और उनके परिवार वालों के नाम से एलआईसी पॉलिसी ली. वर्ष 2011 में आयकर विभाग ने चौहान के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी. उसे आठ जुलाई को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया था.

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